जमानिया ( गाजीपुर ) नगर के लोदीपुर मोहल्ले में कांग्रेस कार्यकत्री के साथ हुए तेजाब कांड में नया मोड़ आ गया है और पूरा मामला फर्जी और मनगढ़ंत प्रतीत हो रहा है। बता दे की
मामले में नया मोड तब आया जब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ रवि रंजन ने बताया कि कांग्रेस कार्यकत्री गायत्री पर फेंका गया तरल पदार्थ तेजाब नहीं है।

जिसके बाद मामला साफ हो गया कि साजिश के तहत फसाया जा रहा है। वही विपक्षी अशोक, विनोद और आकांक्षा का कहना है कि वर्ष 2021 में गायत्री सहित उनके परिवार के दो सदस्यों और दो अन्य लोगो पर फोरजरी (420) का मुकदमा दर्ज कराया गया था। उनके द्वारा मेरी अपनी जमीन को बेच दिया गया था। जब मुझको जानकारी हुई तो विभिन्न धाराओं में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया । और जिसको वापस लेने को लेकर उनके द्वारा दबाव बनाने के उद्देश से मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचकर मुझे और मेरे परिवार के सदस्यो के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गायत्री के डर से अपनी सुरक्षा के दृष्टि से मैने घर पर सीसीटीवी कैमरा लगाया है। जिसमें इनके द्वारा घटना के समय हम घर पर मौजूद है। जो सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग में उपलब्ध है। बताया कि यह पहली बार नहीं कि उनके द्वारा हम लोगो के ऊपर मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा है। बीते निकाय चुनाव में भी चाकू से हमला करने का झूठा आरोप लगाया जा चुका है। जिसमे भी प्रारंभिक जांच में ही हम सभी को निर्दोष पाया गया। कांग्रेस के कार्यकर्ता भी जिलाध्यक्ष सुनील राम के नेतृत्व में प्रकरण के बारे में जानने पहुंचे। जहां प्रकरण जो जानने के बाद मौन ही रहे और कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली जमानिया से वापस लौट गये। प्रभारी निरीक्षक महेन्द्र सिंह ने बताया कि महिला गायत्री का मेडिकल कराया गया। जिसमें उनके ऊपर तेजाब फेके जाने की पुष्टि नहीं हुई। और मामला कुछ और ही निकल के आया है दोनों पक्षों में जमीन को लेकर पुराना विवाद है जिसको लेकर गायत्री देवी द्वारा बार बार अशोक, विनोद और आकांक्षा को षड्यंत्र के तहत फसाने की साजिश की जा रही है ।

