नेपाल में जलप्रलय से तिनके की तरह उड़े मकान, 133 की मौत, 400 से अधिक लोग लापता।
देश/प्रदेश- नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आयी अचानक बाढ़ ने उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर समेत बिहार के लिए भी खतरे की घंटी बजा दी है। बाढ़ का पानी त्रिशूली नदी तक पहुंचने और वहां जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज होने के बाद बिहार और यूपी सरकार ने गंडक और नारायणी नदी से जुड़े जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है। विदेश मंत्रालय लगातार नेपाल सरकार के संपर्क में है ।
बिहार के पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर समेत गंडक के तटवर्ती इलाकों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। लोगों से नदी से दूर रहने, निचले इलाकों को खाली करने के लिए कहा गया है। राज्य के बाढ़ निगरानी तंत्र के मुताबिक पूर्वी चंपारण के डुमरियाघाट में गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि रेवा घाट पर नदी चेतावनी स्तर पार कर चुकी है। नेपाल से आने वाले अतिरिक्त पानी को देखते हुए अगले कुछ घंटों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जल संसाधन विभाग को तटबंधों पर चौबीसों घंटे निगरानी के लिए कहा गया है।
नुवाकोट – नेपाल के नुवाकोट जिले में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। कई गांव पूरी तरह जलमग्न और बर्बाद हो चुके हैं, जिससे स्थानीय लोग गहरे सदमे में हैं। बाढ़ के तेज बहाव में अनगिनत घर बह गए हैं, परिवार एक-दूसरे से बिछड़ गए हैं और बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं।
बाढ़ प्रभावित डांडाथोक गांव निवासी युगनाथ अधिकारी के लिए यह आपदा असहनीय व्यक्तिगत क्षति लेकर आई। उन्होंने अपनी दो बहनों, भांजे और भांजे की पत्नी को अपनी आंखों के सामने बाढ़ के पानी में बहते देखा । युगनाथ ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में कभी ऐसा मंजर नहीं देखा था। लोगों ने जलजला थमने के बाद मलबे में अपनों की तलाश शुरू की है।
वहीं काठमांडो विनाशकारी बाढ़ को लेकर चीन की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। नेपाल के विदेशी मामलों के जानकारी पत्रकार परशुराम काफ्ले ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है, नेपाल पड़ोसियों की सुरक्षा से जुड़ी जायज चिंताओं का समाधान करता रहा है। हालांकि दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि हमारे उत्तरी पड़ोसी ने हमें काफी नुकसान पहुंचाया है। आपदा की पूर्व चेतावनी न मिलने के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ा। एजेंसी
आम के पेड़ से लटक कर बचाई जान नेपाल के विदुर में काम कर रहे 24 वर्षीय मजदूर बिबेक कुमाल आपदा से बाल-बाल बचे । बिबेक ने आम के पेड़ पर लटकर जान बचाई। अस्पताल में भर्ती कुमाल ने बताया कि वह नए बने घर के बाहर शौचालय के लिए पांच फीट गहरा गड्ढा खोद रहे थे, तभी से बाहर निकले, पानी की विशाल दीवार भूकंप एक अजीब आवाज सुनी। जब तक वह गड्ढे की तरह गरजती हुई आई और उन्हें बहा ले गई। सौभाग्य से एक आम के पेड़ में फंस गए।
गोकर्ण अधिकारी ने बताया कि बाढ़ के बाद उनका ■ पहचान खो चुके गांव : डांडाथोक निवासी गांव पहचान में ही नहीं आ रहा है। गांव में केवल कुछ ही मकान बचे हैं। दूर से ठीक दिखने वाले घर भी पूरी तरह कीचड़ और मलबे से ढके हुए हैं।
आरोप: चीन ने नेपाल को दिया धोखा… तिब्बत से आने वाली बाढ़ की नहीं दी कोई जानकारी—-
250 लोगों को बचाया गया : बालेंद्र नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने कहा कि इस समय सरकार की पहली प्राथमिकता घायलों की जान बचाना, लापता लोगों की तलाश करना और प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों से 250 से अधिक लोगों को हेलिकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित बचाया गया है। सरकार ने बचाव, खोज और राहत कार्य के लिए अपने सभी तंत्रों को सक्रिय कर दिया है।

यूपी में 11, बिहार में एनडीआरएफ की 9 टीमें तैनात नेपाल सरकार से लगातार संपर्क में विदेश मंत्रालय
वाल्मीकिनगर बैराज के सभी 36 गेट खोले गए….. बिहार में वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। शाम तक 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर नावों राहत शिविरों और सामुदायिक रसोइयों की व्यवस्था पूरी रखने को कहा है। यूपी के मरहाजगंज और कुशीनगर जिलों में 11 और बिहार में 9 एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।
वायुसेना भी राहत और बचाव के लिए पूरी तरह मुस्तैद, एसएसबी की 18 टीमें तैनात……. सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने भारत-नेपाल की 1,751 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित अपनी सभी चौकियों और इकाइयों को अलर्ट जारी कर दिया है। एसएसबी ने सीमावर्ती इलाकों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए बल की 18 टीमें तैनात की हैं। भारतीय वायुसेना ने राहत और बचाव अभियान के लिए अपने सी-17, सी-130जे और सी295 सहित पूरे परिवहन विमान बेड़े को तैयार स्थिति पर रखा है। वायुसेना का सी-17 विमान के बृहस्पतिवार को राहत सामग्री लेकर नेपाल के लिए रवाना होने की उम्मीद है।
सतर्क रहने की लगातार मुनादी, गांवों में हो रहा रतजगा
भोटेकोशी नदी आगे जाकर गंडक नदी से जुड़ जाती है। बिहार में गंडक नदी के प्रवेश से लेकर निकटवर्ती इलाकों में मुनादी कराई जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग ने गंगा, गंडक, बूढ़ी गंडक, कोसी और घाघरा नदियों के जलस्तर पर नजर रखने के लिए स्टाफ तैनात किया है। वहीं गांवों में सतर्कता के लिए रतजगा हो रहा है।
पानी के बहाव और स्तर की सूचना लोगों को दी जा रही है। बिहार में नेपाल से आने वाली अन्य नदियों के आसपास बसे इलाकों के लोगों को सचेत किया गया है। पानी के बहाव पर लगातार नजर रखी जा रही है। लोगों से कहा गया है कि आपात स्थिति वे सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें।
अमित शाह ने योगी-सम्राट से बात की, हेल्पलाइन जारी…
वही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और बिहार के सीएम सम्राट चौधरी से फोन पर बात की और संभावित संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार को हर संभव मदद का भरोसा दिया। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर और महराजगंज के प्रशासन को सभी जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नेपाल में फंसे यहां के नागरिकों के लिए 1070 हेल्पलाइन जारी किया है।

