नगर पालिका द्वारा हरे वृक्ष की कटाई पर शिकायत पहुँचे वन विभाग के क्षेत्राधिकारी ने लगायी फटकार
जमानिया- नगर के बलुआ घाट पर नगर पालिका द्वारा कराये जा रहे विकास कार्य के कारण परिसर में लगे हरे वृक्ष काटे जाने के दौरान शिकायत पर पर पहुँचे वन विभाग के क्षेत्राधिकारी ने लगायी फटकार।
फ़ोटो- नगर के बलुआ घाट पर हरे वृक्ष को काटे जाने की शिकायत पर पहुँचे वन विभाग के क्षेत्राधिकारी जे.एस.पी. वर्मा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर के बलुआ घाट के रामलीला परिसर में स्थित विशालकाय हरे वृक्ष को नगर पालिका द्वारा नगर क्षेत्र में हरे-भरे पेड़ों की कटाई को लेकर स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने नगरपालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि नगरपालिका अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता के निर्देश पर नगर क्षेत्र में लगातार पेड़ों को काटा और उखाड़ा जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले तीन महीनों के दौरान नगरपालिका द्वारा दर्जनों पेड़ों को काटा जा चुका है। ताजा मामला नगर के एक क्षेत्र का है, जहां एक हरे-भरे वृक्ष को जेसीबी मशीन की मदद से उखाड़ दिया गया। घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में नाराजगी फैल गई और लोगों ने इसे पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बताया।
नागरिकों का कहना है कि एक ओर प्रदेश सरकार वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लगातार अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर जमानिया नगरपालिका द्वारा पेड़ों की कटाई किए जाने से सरकारी प्रयासों की भावना को ठेस पहुंच रही है। लोगों का आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर बिना उचित प्रक्रिया अपनाए वृक्षों को नष्ट किया जा रहा है।
घटना की जानकारी मिलने पर वन विभाग को भी सूचित किया गया। बताया जा रहा है कि सूचना मिलने के करीब ढाई घंटे बाद वन क्षेत्राधिकारी (सीओ फॉरेस्ट) जे.एस.पी. वर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यदि पेड़ों की कटाई नियमों के विरुद्ध पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि समाचार लिखे जाने तक वन विभाग की ओर से किसी वाहन या जेसीबी मशीन को कब्जे में लेने की पुष्टि नहीं हो सकी थी। इस कारण स्थानीय लोगों में नाराजगी बनी हुई है। नागरिकों का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
वहीं, इस मामले में नगरपालिका प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आ सका है। यदि नगरपालिका की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया जाता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

