जमानियां (गाजीपुर) रक्षाबंधन का त्योहार हिंदू धर्म में बहुत ही खास माना जाता है। भाई-बहन के अटूट प्यार के त्योहार रक्षा बंधन में अब कुछ ही दिन शेष बचे हैं। और बाजार में रंग-बिरंगी राखियों की दुकानें सजने लगी है।

बदलते दौर में राखी में भी बदलाव और आधुनिकता का समावेश हो चुका है। इस बार बाजार में बच्चों के लिए कार्टून वाली राखी से लेकर रेशम की डोर व डिजाइनर राखियां उपलब्ध है। दुकानदारों ने भी विभिन्न डिजाइनों की राखियों को बाजार में उतार दिया है। राखी विक्रेताओं का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस वर्ष राखी की कीमत में 20 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। वैसे तो बाजार में राखियों के बहुत सारी डिजाइन उपलब्ध है, लेकिन यहां कच्चे धागे एवं फोम की राखियां भी उपलब्ध है। बता दे की
इस त्योहार में बहनें अपने भाइयों की कलाई में राखी बांधते हुए उनकी लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। वहीं भाई बहन को उपहार देते हुए हमेशा उसकी रक्षा करने का संकल्प लेता है। यह त्योहार भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है रक्षाबंधन का त्योहार हर वर्ष श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस बार 31 अगस्त सिद्ध योग में रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाएगा। इस बार सावन पूर्णिमा 30 अगस्त को दिन के 10.19 बजे से 31अगस्त की सुबह 7.53 बजे तक रहेगी लेकिन 30 अगस्त की शाम तक भद्रा रहने के कारण उदया तिथि की पूर्णिमा में 31 अगस्त की सुबह से रक्षाबंधन होगा । भद्रा काल में राखी नहीं बांधनी चाहिए परंपरा के अनुसार श्रावण पूर्णिमा के दिन प्रातः काल पूजा पूर्वक देवताओं को रक्षा सूत्र अर्पण करके ज्ञानी गुड़ी या परिवार के श्रेष्ठ जनों से रक्षा सूत्र बनवाया जाता है । ब्राह्मणों के अनुसार 31 अगस्त को भगवान को रक्षा सूत्र अर्पित करने के बाद पूरे दिन बहनें भाइयों को राखी बांधने का कार्य करेगी शुभ माना गया है।

