ज़मानिया नकली भारतीय मुद्रा छापकर देश के अलग अलग राज्यों में तस्करी के आरोप में एक अभ्युक्त को ए टी एस की टीम ने किया गिरफ्तार।
ज़ामनिया/ गाज़ीपुर- नकली भारतीय मुद्रा छापकर देश के अलग अलग राज्यों में तस्करी के माध्यम से पहुंचाने वाले गैंग का ₹ 50 हजार पुरस्कार घोषित शातिर अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

ज्ञात हो कि को स्थानीय थाना कोतवाली पुलिस द्वारा एक गिरोह का पर्दाफाश किया गया था, जो बिहार के जनपद गया में जाली भारतीय मुद्रा को छापकर पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों में तस्करी के माध्यम से पहुंचाता था, जिसके संबन्ध में गिरोह के 6 लोगों को गाजीपुर जनपदीय पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर, थाना कोतवाली में मु.अ.सं. 19/23 धारा 489(A)/489 (B)/489 (C)/489(D) पंजीकृत कराया गया था।
पुलिस के अनुसार इस गिरोह का प्रमुख सरगना बिहार राज्य के जनपद गया का रहने वाला है, जो प्रिंटिंग प्रेस का प्रयोग कर जाली भारतीय मुद्रा छापता हैं एवं गिरोह के अन्य सदस्यों के सहयोग से देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाने एवं खपत करवाने का काम भी करता हैं। मुकदमा पंजीकृत होने के उपरांत से ही अभियुक्त बबलू बिंद उर्फ बाबिल (33) पुत्र स्व. बुद्धु राम निवासी पांडेय मोड़ भैदपुर थाना जमनिया जनपद गाजीपुर फरार था।
जो कि लगातार अपनी जगह बदल-बदल कर छिपकर रह रहा था। जिस पर पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी द्वारा को रू. 50,000/- का पुरस्कार घोषित किया गया था। एटीएस के उच्चाधिकारियों के निर्देशों के क्रम में उपरोक्त अभियुक्त बबलू उर्फ बाबिल बिन्द की गिरफ्तारी किया गया।
जिसकी गिरफ्तारी के लिए ए टी एस की वाराणसी फील्ड यूनिट सक्रिय थी, जिसके परिणाम स्वरूप को गाजीपुर जनपद के जमनिया थाना क्षेत्र से वाराणसी फील्ड इकाई द्वारा अभियुक्त बबलू उर्फ बाबिल बिंन्द को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त बबलू बिन्द उर्फ बाबिल एक शातिर एवं अभ्यस्त तस्कर है।
जो लगातार इस प्रकार के अपराधों में संलिप्त रहकर तस्करी का कार्य कर रहा था एवं पूर्व में हत्या, चोरी, मारपीट, गैंगस्टर अनेक अपराधों में जेल जा चुका है। इस गिरोह के अन्य सदस्यों पर शीघ्र ही कार्यवाही की जाएगी। अभियुक्त बबलू बिन्द उर्फ बाबिल के उपर जनपद के विभिन्न थानों में आठ मुकदमें दर्ज है।

