Saturday, October 17, 2026
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30 लाख का इनामी नक्सली बृजेश गंजू मुठभेड़ में ढेर।

30 लाख का इनामी नक्सली बृजेश गंजू मुठभेड़ में ढेर।

वाराणसी :- यूपी एटीएस ने वाराणसी के रामनगर क्षेत्र में मुठभेड़ में नक्सली संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) के सुप्रीमो बृजेश गंजू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता को मार गिराया। गंजू पर एनआईए और झारखंड पुलिस ने कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। डीजीपी ने एटीएस की टीम को दो लाख रुपये का पुरस्कार दिया है।झारखंड के चतरा निवासी बृजेश गंजू के वाराणसी में होने की सूचना पर एटीएस ने निगरानी बढ़ा दी थी। रविवार तड़के गंजू अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल से रामनगर के लंका मैदान की ओर जा रहा था। एटीएस ने रोकने का प्रयास किया तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में गंजू को गोली लगी, जबकि उसका साथी भाग निकला।

अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने गंजू को मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ में पुलिस उपाधीक्षक विपिन कुमार राय व हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण को गोली लगी पर बुलेट प्रूफ जैकेट ने जान बचा ली। मौके से दो पिस्तौल, एक कार्बाइन, बड़ी संख्या में कारतूस और एक लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

20 साल से चल रहा था फरार नक्सली गंजू 

20 साल से फरार था नक्सली गंजू, सुरक्षित ठिकाने की तलाश में पहुंचा था वाराणसी मुठभेड़ में मारा गया 30 लाख का इनामी बृजेश गंजू झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के लूटू गांव का रहने वाला था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह करीब 20 साल से फरार था।

उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, रंगदारी, आगजनी, अवैध हथियार और यूएपीए समेत 50 से अधिक केस दर्ज थे। सूत्रों के मुताबिक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जब एजेंसियों ने कार्रवाई तेज की थी तब वह वहां से भाग निकला था। तब से सुरक्षित ठिकाना तलाश रहा था। गंजू पहले भाकपा माओवादी से जुड़ा था। बाद में माओवादी संगठन से अलग होकर टीएसपीसी का प्रमुख बन गया।

पुलिस के अनुसार वह झारखंड के चतरा, रांची, रामगढ़, हजारीबाग, लातेहार और पलामू के अलावा बिहार के कुछ सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय रहा। बृजेश 2010 में लावालौंग पंचायत से निर्विरोध मुखिया चुना गया था। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, लूट और विस्फोटक से जुड़े मामले भी दर्ज हैं। चतरा के टंडवा इलाके में दर्ज टेरर फंडिंग के मामलों में भी उसका नाम सामने आया था। एटीएस के मुताबिक बृजेश के खिलाफ 1996 से 2025 तक 50 से अधिक केस दर्ज हैं।

बृजेश पर एनआईए ने पांच लाख और झारखंड पुलिस ने 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इस तरह कुल इनाम 30 लाख रुपये था। एटीएस के मुताबिक इससे पहले टीएसपीसी के सब-जोनल कमांडर उमेश उर्फ नगीना को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। उस पर झारखंड पुलिस ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। बृजेश गंजू के सीने में दो गोलियां लगी थीं। एक गोली दाएं और दूसरी बाएं तरफ सीने में लगी थी।

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