जमानिया रामलीला मंचन को लेकर चल रहा विवाद में कोतवाली पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर भेजा जेल।
जमानिया :- कस्बे में रामलीला मंचन को लेकर चल रहा विवाद शनिवार शाम एक बार फिर गरमा गया। बलुआ घाट पर रामलीला मंचन के लिए मंच तैयार कर रहे आयोजकों को रोकने पहुंची पुलिस और समिति के पदाधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
काफी देर तक चले विवाद के बाद पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली पहुंचाया और मंच खाली करा दिया। घटना के दौरान बलुआ घाट पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम बलुआ घाट पर एक पक्ष की ओर से रामलीला मंचन की तैयारियां की जा रही थीं। इसकी जानकारी मिलते ही प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आयोजकों को बिना प्रशासनिक अनुमति मंचन न करने की हिदायत देते हुए मंच खाली करने को कहा। इस पर आयोजकों ने विरोध जताया और दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।
रामलीला समिति के अध्यक्ष अरविंद वर्मा ने कहा कि मंचन के लिए अयोध्या से कलाकारों को आमंत्रित किया गया है और वे पहुंच भी चुके हैं। उन्होंने कलाकारों के पहुंचने और तैयारियां पूरी होने का हवाला देते हुए उपयुक्त स्थल पर रामलीला मंचन की अनुमति देने की मांग की।
वहीं, प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि बिना पूर्व अनुमति के नया धार्मिक आयोजन या नई परंपरा शुरू करने की इजाजत नहीं दी जा सकती मौके पर काफी देर तक बातचीत के बावजूद जब आयोजक मंच से हटने को तैयार नहीं हुए तो पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर गोविन्ददास चौबे, मुन्ना गुप्ता, नारायणदास चौरसिया और सोनू वर्मा को हिरासत में लेकर कोतवाली पहुंचाया। इसके बाद मंच खाली करा दिया गया।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए बलुआ घाट पर देर तक भारी पुलिस बल तैनात रहा। मौके पर नगसर थानाध्यक्ष वीरेंद्र सोनकर, दिलदारनगर थानाध्यक्ष संतोष कुमार राय, नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार, लेखपाल रूपेश रंजन सिन्हा, कानूनगो नसीमुल्लाह अंसारी, शाह आलम, विजय सिंह, संदीप यादव और दीपक मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। विवाद के बीच शनिवार की इस घटना ने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। ( विकास सिंह की रिपोर्ट)

