Tuesday, July 14, 2026
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फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड को एस टी एफ ने किया गिरफ्तार।

फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड को एस टी एफ ने किया गिरफ्तार।

लखनऊ -: रायबरेली में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सलोन के फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र कांड में सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए रायबरेली पुलिस और एटीएस ने 7 और लोगों को गिरफ्तार किया है।पुलिस और एटीएस की फील्ड यूनिट और ऑप्स टीमों ने पूर्वांचल के कई जिलों में छापेमारी की। इस कांड में अब तक 17 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उत्तर प्रदेश के जिलों में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड बिहार के दरभंगा निवासी रविकेश को यूपी एटीएस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है।

वह साथियों के साथ मिलकर अब तक करीब 4 लाख फर्जी प्रमाण पत्र बना चुका है। रविकेश पर रायबरेली पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। रविकेश एटीएस के अधिकारियों के मुताबिक बीती 17 जुलाई को रायबरेली के सलोन थानाक्षेत्र में ग्राम विकास अधिकारी का सीआरएस पोर्टल का यूजर आईडी और पासवार्ड लेकर सैकड़ों फर्जी जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए गए थे।

गैंग में शामिल थे यूपी, बिहार के लोग पूछताछ में रविकेश ने बताया कि फर्जी प्रमाणपत्र बनाने के लिए वर्ष 2022 में पोर्टल www.crsogovr.in और वर्ष 2023 में पोर्टल www.thedashboard.in तैयार किए थे। अपने फेसबुक पेज के माध्यम से यूपी और बिहार के लोगों को अपने गैंग में शामिल किया।

जिसमें बहुत सारे सीएससी संचालक भी थे। इसके पोर्टल पर लगभग 4100 यूजर हैं, जिसमें 1500 एक्टिव हैं। नियमित ग्राहकों से भी प्रतिदिन 2-3 हजार रुपये की कमाई हो जाती थी। रविकेश व अन्य यूजर्स के द्वारा अनेक राज्यों के विभिन्न जिलों के ग्राहकों के करीब 4 लाख फर्जी जन्म प्रमाण पत्र व करीब 5 हजार फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए हैं।

फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में बड़ी कार्रवाई : –

पुलिस-एटीएस ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया, कई जिलों से जुड़े हैं आरोपियों के तार। रायबरेली 20 दिन पहले रायबरेली में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सलोन के फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र कांड में सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए रायबरेली पुलिस और एटीएस ने 7 और लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस और एटीएस की फील्ड यूनिट और ऑप्स टीमों ने पूर्वांचल के कई जिलों में छापेमारी की। इस कांड में अब तक 17 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। लगातार दूसरे दिन यूपी एटीएस की टीमों ने प्रयागराज, अंबेडकर नगर, मुरादाबाद, बहराइच, बलिया और शाहजहांपुर में छापे मारकर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को रायबरेली पुलिस कड़ी सुरक्षा में लखनऊ लेकर पहुंची।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की हुई पहचान -:

रायबरेली के पुलिस अधीक्षक अभिषेक कुमार अग्रवाल ने बताया कि सलोन थाने में एडीओ पंचायत की शिकायत पर पहले ही चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया था। उसी सिलसिले में अब 7 और लोगों की गिरफ्तारी हुई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सतीश कुमार (महाराजगंज), नीरज (प्रयागराज), नीरज (शाहजहांपुर), आरिफ अली (मुरादाबाद), शाहनवाज (बलिया) और कुलदीप सिंह (बहराइच) शामिल हैं। सभी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

व्हाट्सएप ग्रुप से चलता था फर्जीवाड़ा -:

पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप था। जिसके जरिए वे फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाते थे। ये लोग ग्राम विकास अधिकारी की आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करते थे। इस धंधे में अधिक पैसा कमाने के लालच में इन लोगों ने सरकारी योजनाओं का अनैतिक लाभ उठाने वालों से संपर्क साधा।

गिरफ्तारियों के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल और लैपटॉप भी बरामद किए हैं। एसपी अभिषेक कुमार अग्रवाल ने बताया कि जांच जारी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि सलोन के ग्राम विकास अधिकारी के अलावा, अन्य जगहों पर भी ग्राम विकास अधिकारियों की आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके फर्जी प्रमाण पत्र बनाए गए हैं या नहीं। मामले की जांच कर रही एटीएस कई दिनों से मास्टरमाइंड को तलाश रही थी।

 

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