हाईटेंशन (एचटी) लाइन की चपेट में आने से बस में लगी आग, पाँच लोगों की दर्दनाक मौत।
गाजीपुर- हाईटेंशन (एचटी) लाइन की चपेट में आने से सोमवार को महाहर धाम से 400 मीटर पूर्व सुलेमापुर-देवकली नहर के पास बस में आग लग गई। वहीं हादसे में पांच लोग जिंदा जलने से मौत हो गयी।

मरने वालों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। शव इतना जल गया है कि मृतकों की पहचान में दिक्कत आ रही है। और 10 लोग घायल हैं। ‘इन सबकी हालत गंभीर बताई जा रही है। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र के मुताबिक मरनेवाले जिन तीन मृतकों की पहचान हुई है उनमें एक निर्मला देवी, कालिंदी और जगन्नाथ यादव है। जगन्नाथ को बस चालक बताया जा रहा है।
वही दो और मृतकों के पहचान की कोशिश की जा रही है। सभी मृतक और झुलसने वाले लोग मऊ के रहने वाले हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस में गैस सिलिंडर रखा था। बस जब एचटी लाइन से टकराई तो आग लग गई और उसके बाद सिलिंडर फट गया। इससे आग भभक गई और 32 सीटर बस धू-धू करके जल गई। हादसे से नाराज स्थानीय लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया।
पांच माह की बेटी को बचाने के लिए माँ ने खेत मे फेंका।
वहीं प्रत्क्षयदर्शियों ने बताया कि हाईटेंशन (एचटी) लाइन की चपेट में आने के कारण बस में आग इतना भयावह स्थिति में थी की कोई भी बस में सवार लोगों को बचाने की कोशिश भी करता, लेकिन माँ ने अपने पाँच वर्ष की पुत्री की जान बचाने के लिए उसे पास के खेत में फेंक दिया।
मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख व झुलसे लोगों को 50-50 हजार रुपये की सहायता ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजीपुर हादसे का संज्ञान लिया। उन्होंने शोक संवेदना जताई और आग से झुलसे लोगों का तत्काल इलाज कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का एलान किया है। घायलों को 50-50 हजार रुपये मिलेंगे।
हादसे के बाद भी हुई शादी : बस में आग लगने से पांच मौतों के बाद शादी वाले घर में मातम पसर गया। हालांकि सादे तरीके शादी हुई और सिर्फ सिंदूर दान के बाद लड़की ससुराल चली गई।
अधिशासी अभियंता सहित तीन निलंबित-
हाईटेंशन लाइन की वजह से पांच मौतों के बाद ऊर्जा एवं नहर विकास मंत्री एके शर्मा ने सख्त कार्रवाई की है। मंत्री ने मामले में बिजली निगम के तीन अधिकारियों को निलंबित कर लाइनमैन की सेवा समाप्त दिया है। इसमें अधिशासी अभियंता मनीष, एसडीओ संतोष चौधरी और जेई प्रदीप कुमार का नाम शामिल है। लाइनमैन नरेंद्र की सेवा समाप्त कर दी गई है। वह संविदाकर्मी है।

