राजद को झटका..18 महीने भी नहीं चल सकी महागठबंधन सरकार, 9वीं बार सीएम बने नीतीश।
पटना- नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के साथ-साथ पूरे विपक्षी गठबंधन को झटका देते हुए रविवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
इसके साथ ही 18 महीने से कम समय में बिहार में महागठबंधन सरकार गिर गई। हालांकि, चंद घंटे बाद ही शाम करीब पांच बजे नीतीश ने भाजपा के साथ मिलकर राज्य में दोबारा सरकार बना ली और रिकॉर्ड नौवीं बार राज्य के मुख्यमंत्री बन गए। उनके साथ आठ मंत्रियों ने भी शपथ ली है, जिनमें से भाजपा के सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में पटना राजभवन में हुए समारोह में चौधरी और सिन्हा के साथ भाजपा के डॉ. प्रेम कुमार, जदयू के विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, हिंदुस्तान अवाम मोर्चा के संतोष कुमार सुमन और निर्दलीय सुमित कुमार सिंह को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।
समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिंदाबाद के नारे लगते रहे । पीएम मोदी ने नई सरकार को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। शपथग्रहण के बाद नीतीश ने कहा, मैं उनके (एनडीए) साथ पहले भी था। बीच में हमारे रास्ते अलग हो गए थे। हम जहां थे, वहीं आ गए हैं। अब इधर-उधर जाने का सवाल नहीं है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार बाद में किया जाएगा।
इससे पहले, रविवार सुबह नीतीश ने अपने आवास पर जदयू विधायकों के साथ बैठक की। इसके बाद सहयोगी मंत्री बिजेंद्र यादव के साथ सुबह 11 बजे राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर से मिले और उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया। उधर, जदयू की बैठक के बाद पटना में भाजपा विधायक दल की
बैठक बुलाई गई। इसमें सम्राट चौधरी को दल का नेता, जबकि विजय सिन्हा को उपनेता चुना गया। बैठक में नीतीश के नेतृत्व में नई सरकार बनाने का फैसला किया गया। बाद में भाजपा महासचिव विनोद तावड़े, सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, हिंदुस्तान अवाम मोर्चा
(हम) के जीतन राम मांझी व अन्य नेताओं के साथ नीतीश राज्यपाल से मिले और सरकार बनाने का दावा पेश किया। भाजपा और हम ने राज्यपाल को समर्थन का पत्र भी सौंपा। तब राज्यपाल ने नीतीश को सरकार गठन के लिए आमंत्रित किया ।
एक ही विधानसभा में तीसरी बार सीएम
बिहार की 17वीं विधानसभा में तीन बार मुख्यमंत्री पद की शपथ हुई है। हर बार नीतीश ही सीएम बने। 16 नवंबर, 2020 को भाजपा के साथ, 9 अगस्त, 2022 को राजद के साथ और अब फिर भाजपा के साथ सरकार बनाई है।
चार बार पलटे नीतीश——
2013 : नरेंद्र मोदी को भाजपा के पीएम उम्मीदवार बनाने के विरोध में नीतीश ने एनडीए से बाहर होकर जीतनराम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया।
2014 का लोकसभा चुनाव जदयू ने अकेले लड़ा, सिर्फ दो सीटें मिलीं 2015 : चुनाव से पहले राजद के साथ महागठबंधन बनाया, विधानसभा में भारी जीत मिली और सीएम बने। जुलाई 2017 में फिर भाजपा के साथ मिलकर सरकार बना ली
■ 2020 विधानसभा चुनाव भाजपा के साथ लड़े। सीएम बने। अगस्त 2022 में भाजपा को छोड़ फिर राजद व कांग्रेस के सहयोग से सीएम बने।” 2024: अचानक राजद से दूरियां बढ़ीं। 28 जनवरी को इस्तीफा देकर फिर से सरकार बनाई।

