सहारा को 30 दिनों में 1,000 करोड़ रुपये जमा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का कड़ा निर्देश।
सहारा की कोई भी कंपनी या संपत्ति बिकी तो राशि सेबी-सहारा फंड में जमा होगी।
नई दिल्ली-: सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह की दो कंपनियों सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन को अगले 30 दिनों के भीतर सेबीसहारा फंड में 1,000 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया।
जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने साथ ही शेष राशि (9,000 करोड़ रुपये) जुटाने के लिए वर्सोवा की संपत्ति पर संयुक्त उद्यम या भूमि विकास समझौता करने के लिए 30 दिन का समय दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि यदि इस बीच सहारा समूह की कोई कंपनी या संपत्ति बिकती है, तो प्राप्त धन को सेबी-सहारा फंड में जमा किया जाना चाहिए।
अदालत अब एक महीने बाद फिर से मामले पर सुनवाई करेगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सहारा ने अदालत के निर्देशों का पालन किया है। शीर्ष अदालत ने 31 अगस्त, 2012 को निर्देश दिया था कि सहारा समूह की कंपनियां- सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लि. सेबी ने अदालत को बताया था. कि सहारा समूह की कंपनियों ने अब तक 15455.70 करोड़ रुपए जमा किए हैं।
जिन्हें विभिन्न, राष्ट्रीयकृत बैंकों की सावधि जमा में निवेश किया गया है। इस तरह 30 सितंबर, 2020 तक सेबी-सहारा रिफंड खाते में अर्जित ब्याज सहित कुल राशि 22,589.01 करोड़ रुपये थी। (एसआईआरईसीएल) और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसएचआईसीएल) निवेशकों से जुटाई गई राशि 15 फीसदी सालाना ब्याज के साथ सेबी को लौटाएंगी।
करीब 25,000 करोड़ रुपये की यह रकम सेबी-सहारा रिफंड खाते में जमा की जानी है। अब तक सहारा करोड़ अभी जमा हैं सेबी सहारा फंड में समूह ने लगभग 15,000 करोड़ रुपये ही जमा कराए हैं। कंपनी को 10,000 करोड़ रुपये अभी और जमा कराने हैं।

