जमानियाँ (गाजीपुर)। स्थानीय विकास खण्ड परिसर में कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषि जागरूकता कार्यक्रम के तहत गुरुवार को एक दिवसीय गोष्ठी व कृषि निवेश मेले का आयोजन किया गया।

जिसमें किसानों को स्प्रे मशीन, बुखारी सहित अन्य कृषि यन्त्र सब्सिड़ी पर उपलब्ध कराया गया।
उक्त मौके पर जिला उप कृषि निदेशक अतेन्द्र सिंह द्वारा जैविक खेती पर जोर देते हुए बताया कि फॉरफोरस यानि डीएपी व एनपीके के लिए हमारा देश 90 प्रतिशत विदेशों पर आश्रित है। इसलिए सरकार को बहुत ज्यादा उर्वरक पर सब्सिड़ी देना पड़ता है। जबकि डीएपी पौधे को मात्र 18 प्रतिशत ही मिल पाता है तथा बाकि मिट्टी में रहकर पर्यायवरण को दूषित करता है। यूरिया भी पौधे को कम मिलता है तथा यह पुवाल बढ़ाती है। इसलिए हमे पर्यायवरण को संरक्षित करने व पौष्टिक अनाज का उत्पादन करने के लिए जैविक खेती करने की आवश्यकता है। किसान बन्धु पुवाल को मिट्टी में मिलाने का प्रयास करे उसे जलाने का प्रयास न करें। पुवाल तथा प्राकृतिक संसाधनों को मिट्टी में मिलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति मजबूत होती है। रासायनिक उर्वरक का बहुत ही कम मात्रा में प्रयोग करें। सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं का लाभ किसानों को दिया जा रहा है। गेहूँ के बीज पर तथा यन्त्र के लिए सब्सिड़ी किसानों के खाते में भेजा सीधे भेजा जा रहा है तथा यन्त्र हेतु इच्छुक किसान ऑनलाइन बुकिंग करके यंत्र प्राप्त कर सकते है। पीएम किसान योजना के पात्र लाभार्थी किसानों को कोई परेशानी हो तो तुरन्त कार्यालय में सम्पर्क स्थापित कर सकते है। उक्त मौके पर किसान नेता व पूर्व प्रमुख बाबू लाल मानव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य वीर बहादुर सिंह, क्रय विक्रय अध्यक्ष रविन्द्र राय, बबलू दूबे, मन्टू सिंह, दरोगा यादव, प्रमोद यादव, मनीष यादव, पंकज यादव, नरेश यादव, संतोष सिंह, अमरनाथ सिंह, उपेन्द्र सिंह, एडीओ एजी कृषि दीपक सिंह, प्राविधिक सहायक नीरज तिवारी सहित क्षेत्रीय किसान मौजूद रहे।

