Tuesday, July 14, 2026
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प्राचीन जल संरक्षण प्रणाली से हो वर्षा के जल का संरक्षण

जमानियां। स्टेशन बाजार स्थित हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्राचार्य प्रोफेसर अखिलेश कुमार शर्मा शास्त्री के संयोजन में भूजल सप्ताह के तीसरे दिन कार्यक्रम की शुरूआत में भूगोल विभाग के आचार्य रामलखन यादव ने छात्र-छत्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज दुनिया तमाम देश पेयजल के संकट से चिंतित हैं और संसार हरेक प्राणि किसी न किसी रूप में जल का उपयोगकर्ता है।

वर्तमान समय में जल संरक्षण की जो प्रणालियां हैं उसमें जल संकट को अधिक बढा़ने का कार्य किया है हमारी प्राचीन जल संरक्षण प्रणाली मसलन तालाब, कुएं, बावडी़ से आज का जनमानस दूरी बनाता जा रहा है हमें जल संकट से छुटकारा पाने हेतु समेकित रूप से तैयारियां करनी होगी। प्राचीन जल संरक्षण प्रणाली के साथ साथ आधुनिक जलसंरक्षण प्रणाली में संतुलन स्थापित करते हुए यदि मसौदा तैयार किया जाय तो इन समस्त समस्याओं से मुक्त हो हुआ जा सकता है।

 


कार्यक्रम में बोलते हुए डॉ मातेश्वरी प्रसाद सिंह के कहा कि जागरूकता की कमी के कारण आज भूजल समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है आज जरूरत वर्षा के जल सही से संरक्षण किया जाय तो स्वत: इन समस्त समस्याओं से छुटकारा प्राप्त हो सकेगा। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डा. लालचंद पाल एवं कार्यक्रम डॉ राकेश कुमार सिंह, सौरभ सिंह, डां.धमेन्द्र यादव बिपिन कुमार डां.नीतू सिंह डां. अरूण कुमार सिंह, डां. जितेन्द्र सिंह ने क्रमशः छात्र-छात्राओं को संबोधित किया।कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण तथा कर्मचारीगण उपस्थित रहे। इस आशय की जानकारी महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी सहायक आचार्य हिंदी अभिषेक तिवारी ने विज्ञप्ति जारी कर दी।

Vijay Srivastava
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विजय प्रकाश श्रीवास्तव "दैनिक दिनकर न्यूज़" चीफ़ ब्यूरो गाज़ीपुर Mo - 9415350381
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