Sunday, May 31, 2026
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बलिया के सोनवानी में पिता और पुत्र की धारदार हथियार से निर्मम हत्या

बलिया के सोनवानी में पिता और पुत्र की धारदार हथियार से निर्मम हत्या।

हत्या क्यों और किसने की फिलहाल इसका पता नहीं,फोरेंसिंक टीम भी मामले में साक्ष्य जुटा रही है।

बलिया –  हल्दी थाना के सोनवानी गांव में पिता-पुत्र की हत्या से सनसनी फैल गई। पुत्र का शव गांव से 200 मीटर दूर कुएं में तो पिता का शव घर के एक कमरे में खून से लथपथ मिला।सूचना के बाद एसपी, सीओ के साथ भारी संख्या में पुलिस गांव पहुंच गई। फोरेंसिंक टीम भी मामले में साक्ष्य जुटा रही है। हत्या क्यों और किसने की फिलहाल इसका पता नहीं चल पाया है। हल्दी थाना क्षेत्र के सोनवानी में सुबह शौच के लिए निकले लोग रास्ते में खून के धब्बे देख गांव के बाहर बागीचे में पहुंचे।

वहां स्थित कुएं पर भी खून के धब्बे पड़े हुए थे। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सीमेंट की पटिया से ढके कुएं को खुलवाया तो अंदर लाश पड़ी थी। ग्रामीणों के सहयोग से शव को बाहर निकाला गया तो मृतक की पहचान विक्रम सिंह (26) पुत्र उमाशंकर सिंह के रूप में हुई।

शरीर पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। इसके साथ ही शव को छिपाने के लिए ऊपर पोखरे से लाकर सूखी जलकुंभी भी डाली गई थी। खून के धब्बों के फावड़े या कुदाल से मीटाने की कोशिश की गई थी। मृतक की पहचान होने के बाद पुलिस ने परिजनों को सूचना भिजवाई तो कोई नहीं आया। इसके बाद पुलिस मृतक के घर पहुंची तो एक कमरे में खून बिखरा हुआ था।

अंदर कोई नहीं थी। दूसरे कमरे में उमाशंकर सिंह (60) का शव पड़ा हुआ था। दोहरे हत्याकांड से पूरे गांव में सनसनी फैल गई। फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुला लिया है। मामले की जांच की जा रही है। उमाशंकर सिंह का मकान गांव के किनारे स्थित है। मकान से 200 मीटर दूरी पर बगीचा है। वहीं पर कुआं है जो पटिया से ढका हुआ है। पटिया हटाकर शव अंदर फेंका गया था।

उसके बाद शव को छिपाने के लिए उस पर जलकुंभी डाली गई थी। पटिया फिर से रख दी गई थी। रास्ते में खून गिरा था, इसे फावड़े या कुदाल से मिटाने का प्रयास किया गया था। इसे देखकर लोग वहां तक पहुंचे। हत्याकांड में एक से अधिक लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। मृतक विक्रम सिंह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। सबसे बड़ा भाई दिलीप सिंह वर्षों पहले बाहर चला गया था।

शादी कर वहीं बस गया था। घर पर विक्रम, उससे बड़ा भाई संदीप सिंह और पिता उमाशंकर सिंह रहते थे। गांव के लोगों का कहना था कि उमाशंकर सिंह घर बनवा रहे थे। चार-पांच दिन पहले दिलीप सिंह घर आया था। उन लोगों के बीच में किसी बाद को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद दिलीप सिंह चला गया था। वहीं, घटना के बाद से संदीप सिंह का भी कहीं अता-पता नहीं है। पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटा रही है।

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