चंदौली जनपद में वन रक्षक के पद पर तैनात 54 वर्षीय सिपाही की मौत।
ज़मानिया- स्थानीय क्षेत्र के सुहवल थाना अंतर्गत अडरिया गाँव निवासी जयप्रकाश यादव चंदौली जनपद में वन रक्षक के पद पर तैनात 54 वर्ष की सडक हादसे बुद्धवार को मौत हो गयी। जिनका पार्थिव शरीर बीते देर रात को गाँव पहुंचते ही कोहराम मच गया।
परिजनों सहित अन्य लोगों का रो- रोकर बुरा हाल रहा।परिजनों ने सडक हादसे में मृत वन रक्षक का अंतिम दाह संस्कार बीते देर रात्रि को ही गाजीपुर शमशान घाट पर कर दिया गया बडे पुत्र अमित के द्वारा पिता को मुखाग्नि देते ही वहाँ मौजूद सभी लोगों की आखे नम हो गयी।
इस घटना के बाद पत्नी निर्मला यादव सहित अन्य परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा है अगल बगल के महिला-पुरूष पिडित परिजनों को सांत्वना देने में लगे है,जबकि इस हादसे के बाद से ही पूरे गाँव में सन्नाटा पसरा हुआ है। मृत वन रक्षक के बडे पुत्र अमित यादव ने बताया कि उसके पिता पांच अप्रैल 2003 को वन रक्षक के पद पर भर्ती हुए थे,बताया कि वह वर्तमान समय में चंदौली जनपद के चंद्रप्रभा रेंज के शिकारगंज भोका बीट में तैनात थे।
बताया कि बीते देर शाम को ड्यूटी समाप्ति के बाद उसके पिता चकियां स्थित आवास बाइक से आ रहे थे।बताया कि इसी दौरान मुजफ्फरपुर गांव के समीप विपरीत दिशा से एक तेज रफ्तार चार पहिया वाहन के जोरदार टक्कर से वह गंम्भीर रूप से घायल हो मय बाइक गिर गये बताया कि उसके बाद उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया।
जहाँ हालात गंम्भीर देख चिकित्सको ने प्राथमिक उपचार के बाद उसके पिता को वाराणसी रेफर कर दिया। बडे पुत्र अमित ने बताया कि उसके बाद उन्हें वाराणसी स्थित बीएचयू ट्रामा सेंटर ले जाया गया,जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई,जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेंज दिया। उसके बाद पीएम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव उन्हें सौंप दिया।
जिसके बाद वह देर रात्रि को पार्थिव शरीर गाँव लाया गया। पुत्र अमित ने बताया कि वह दो भाई है ,जिसमें वह बडा जबकि रोहित छोटा है,दोनों अभी पढते है,बताया कि उसके पिता तीन भाई थे। जिसमें वह बडे जबकि रमेश जो यूपी पुलिस में माझिल है जबकि संतोष सबसे छोटे जो घर रहते है।

