ग्राम सभा नवली में नौ दिवसीय रूद्राम्बिका महायज्ञ आरम्भ, सैकड़ों कन्याओं ने निकालीभव्य कलश शोभायात्रा।
ज़मानिया :- क्षेत्र के नवली गाँव के शिवकाली धाम मन्दिर( प्राचीन गंगाधारा नगरी) परिसर में गुरुवार से नौ दिवसीय रूद्राम्बिका महायज्ञ का शुभारंभ किया गया। इस दौरान वेदाचार्य डाक्टर धन्नजय पांडेय और भागवता चार्य कन्हैया दिवेदी के नेतृत्व में चार किमी लंम्बी पैदल भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई।
इस कलश शोभायात्रा में भारी संख्या में महिला ,पुरूष, बच्चे आदि मौजूद रहे यह कलश शोभायात्रा नवली यज्ञ स्थल से पूरे गाँव का भ्रमण करते हुए त्रिलोकपुर,उतरौली गाँव होते हुए पुन:यज्ञ स्थल पहुंचा,जहाँ कलश में वैदिक मंत्रोंचार के जरिए जलभरी सम्पन्न हुआ। इस दौरान कलश शोभायात्रा में हजारों की संख्या में चल रहे थे।
श्रद्धालु ध्वनि विस्तारक यंत्रों के जरिए भक्ति गीतों पर झूमते हुए चल रहे थे। साथ ही गगनभेदी जयकारा लगा रहे थे, जिससे माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया,यह पैदल कलश शोभायात्रा में हाथी,घोडा भी साथ चल रहे थे। कलश में जलभरी और यज्ञ स्थल पर पहुंचने के बाद वेदी ,मंडप पूजन,कन्या पूजन भी वैदिक मंत्रोचार के जरिए सम्पन्न हुआ आयोजन समिति के अनुसार प्रतिदिन दोपहर दो बजे से भागवत कथा का आयोजन प्रस्तावित है,इस महायज्ञ का समापन 25 अक्टूबर को विशाल भंडारे के साथ होना सुनिश्चित है।
आयोजन समिति ने बताया कि इस दौरान हर रोज सुबह सात बजे से मंडप देव पूजन,पाठ,स्वाहाकार के साथ ही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा होना सुनिश्चित है। वेदाचार्य डाक्टर धन्नजय पांडेय और भागवता चार्य कन्हैया दिवेदी ने बताया कि महायज्ञ में सभी देवी देवताओं का आह्वान एवं पूजन किया जाता है इस वैदिक कर्मकांड से यज्ञ में सभी देवता भी विराजमान होते हैं।
कहा कि महायज्ञ का धुंआ जहां तक पहुंचता है तथा वैदिक मंत्रोच्चारण भी जिन जिन प्राणियों के कर्णगोचर होते हैं उनमे पुन्य और सद्गुण का संचार होता है। उन्होंने कहा कि यज्ञ का उद्देश्य अपने जीवन को समझना तथा दूसरे व्यक्तियों की सेवा करना होता है। यज्ञ में बैठने के पश्चात् करुणा,ममता एवं वात्सल्य का भाव जागृत होना चाहिए,कहा कि मनुष्य का धरती में जन्म दूसरों की सेवा करना एवं उनके दुःख-दर्द को दूर करने के लिए होता है।
इस अवसर पर लालबहादुर सिंह,गौरव मिश्रा,उमाशंकर सिंह, जितेंद्र,जमुना सिंह, विनित पांडेय,लल्लन सिंह, सोनू सिंह, बबुआ सिंह, गुटकू, पप्पू, शोभनाथ, गोधन ,मनोज, रजिंदर आदि मौजूद रहे।

