जमानियां । कस्बा स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय प्राइवेट कर्मचारि और फार्मासिस्ट के भरोसे ही किसी प्रकार चलाया जा रहा है।पशु चिकित्सालय चिकित्सा अधिकारी और अन्य कर्मचारियों के अभाव में पूरी कार्यप्रणाली दूरव्यवस्था का शिकार भी हो रही है।

प्रदेश सरकार भले ही किसानों को अनेक सुविधा देने का दावा करने के साथ पशु पालन के लिए लोगों को प्रेरित कर रही है लेकिन जमानिया कस्बा स्थित पशु अस्पताल सिर्फ एक बेटनरी फार्मासिस्ट के भरोसे पर ही खीच तान कर चल रहा है ।
शुरूआती दौर में मानक के अनुसार चिकित्सक व अन्य कर्मचारियों की तैनाती रही। लेकिन इधर पिछले 6 महीनो से चिकित्सालय में स्थाई चिकित्सक की तैनाती नही है। तैनात वेटरनरी फार्मासिस्ट बृजेश जैसवाल के भरोसे क्षेत्र के पशुओं का इलाज चल रहा है। सबसे अहम पहलू तो यह है कि इन दिनों में पशुओं में विभिन्न प्रकार के संक्रामक बीमारियां चल रही है। चिकित्सक न होने से पशु पालकों को अपने पशुओं के इलाज में दिक्कतें आ रही है। दवाओं की स्थिति भी ठीक नहीं है।
वही वेटरनरी फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत बृजेश जायसवाल ने बताया कि कई बार उच्च अधिकारियों को इस संबंध में लिखित सूचना मेरे द्वारा दी गई लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ ।

