जमानिया। तहसील सभागार में गुरुवार को विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजित की गई। जिसमें मुफ्त विधिक सहायता व सहायता के प्रकार के बारे में पूर्ण विस्तार से जानकारीयां दी गई है।

नायब तहसीलदार देवा कुमार ने बताया कि महिलाओं, बच्चों,और गरीबों व कमजोर वर्ग के व्यक्तियों के लिए निशुल्क विधिक सहायता व सलाह का अधिकार प्रदान किया गया है। इस अधिकार के तहत गरीब तबके के लोगों को गिरफ्तारी की दशा में अपनी पसंद के अधिवक्ता से सलाह प्राप्त करना, गिरफ्तारी के 24 घंटे में मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रावधान है।
भारत के संविधान में जीवन या व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संबंध में विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया अपनाकर ही कार्रवाई का अधिकार है। उन्होंने कहा कि महिलाएं व 18 साल तक के बच्चे अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग, जातीय हिंसा, बाढ, भूकंप, पीड़ित व्यक्ति, मानव तस्करी से आहत, शोषण या बेगार से पीड़ित, औद्योगिक कामगार, मानसिक रूप से अक्षम या दिव्यांग मुफ्त विधिक सहायता के हकदार हैं, ऐसे लोगों को सरकार अपने खर्च पर अधिवक्ता की सेवाएं उपलब्ध कराती है। कहा कि उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के समक्ष अपील या जमानत के प्रकरण में पेपर बुक व दस्तावेज के अनुवाद आदि का खर्च भी दिया जाता है। इस अवसर पर दीपक कुमार (पीएलवी)‚ शैलेन्द्र कुमार‚ राजेश यादव‚ राम दुलार‚ आसित कुमार आदि मौजूद रहे।

