जमानियां (गाजीपुर) : सम्राट अशोक क्लब के तत्वाधान में भारत लेनिन बाबू जगदेव प्रसाद के जन्मदिवस पर शुक्रवार को लटिया गांव में 29 वी संगीति के अवसर पर लटिया महोत्सव मनाया गया जो कई मायनों में अहम रहा।इस महोत्सव में क्षेत्र सहित,पूर्वांचल,बिहार,उत्तराखंड, दिल्ली और देश के कोने कोने से बौद्ध अनुयायी पहुंचे थे।कार्यक्रम की शुरुआत लटिया गांव स्थित स्तंभ के नीचे पंचशील दीप प्रवज्जलवन तथा कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रीय ध्वज व क्लब ध्वजारोहण कर उपजिलाधिकारी अभिषेक कुमार ने किया।आयोजको द्वारा अतिथियों को अंग वस्त्रम व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया ।वही मंच से अतिथियों ने अवधेश मौर्य की पुस्तक सभ्यताओं के शिक्षक बुद्ध व आनंद कुशवाहा की कहानी संग्रह अतिथि देवो भव व नाटक संग्रह पुस्तक ज्योति का विमोचन किया।राष्ट्र की एकता एवं अखंडता का शपथ भी दिलाया गया।

इस मौके पर विश्व समुदाय के साथ मधुर सम्बंध बनाने में भगवान बुद्ध और सम्राट अशोक की भूमिका पर आयोजित संगोष्ठी में बोलते हुए मुख्य अतिथि जुंगतो सोसाइटी कोरिया के संस्थापक पूज्य भंते पोमन्यून सुनिम ने कहा कि बुद्ध को मानने के लिए उनके आदर्शों को आत्मसात करना होगा।खुद में परिवर्तन ही धम्म है।कोरिया में मंदिर में बुजुर्ग जाते है लेकिन धम्म को सुनने के लिए युवा जाते है।बुद्ध का धम्म सुनकर व्यक्ति दुखों से बाहर आ जाता है।धम्म का प्रचार प्रसार करें।सम्राट अशोक ने बुद्ध धर्म को अपनाने के बाद बुद्ध धर्म का प्रचार प्रसार किया।उपस्थित जनसमूह से पूछा कि क्या आप भी ऐसा करेंगे तो सभी ने हाथ उठाकर स्वीकार किया।धम्म के अंतर्गत अगर हम तुलना करें तो हम भाई है।कोरिया और भारत दूर देश के है बुद्ध के धम्म के अनुसार हम भाई है।हम एक दूसरे के साथ मिलकर धम्म का प्रचार प्रसार करें। विशिष्ट अतिथि डॉ भिवखु नन्दरतन महाथेरो पूर्व राज्यमंत्री व अध्यक्ष अंतराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान लखनऊ ने कहा कि हम लोग यहां आकर अपने को गौरवशाली महसूस कर रहे है।यहां का स्तंभ सम्राट अशोक के इतिहास को बतलाता है।जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।मुख्य वक्त्ता डॉ सच्चितानंद मौर्य ने कहा कि भारत हमेशा शांति का वाहक रहा है।सम्राट अशोक ने शांति को पूरी दुनिया में फैलाया है।सम्राट अशोक क्लब भी लोक कल्याण के हित में कार्य कर रहा है।भगवान बुद्ध शांति के पुजारी है।हमारे देश का एक धर्म राष्ट्र धर्म है और किताब संविधान है।राष्ट्रीय ध्वज हमारी शान तो अशोक स्तंभ हमारी पहचान है। आज यह देश जिस संविधान से चलता है आज उसी देश के अधिकतर नागरिक अपने संविधान के बारे में नहीं जानते।आज समाज में धार्मिक उन्माद जैसा माहौल बना हुआ है।ऐसे में सम्राट अशोक के लोक कल्याण नीतियों का प्रासंगिता बढ़ गयी है।अगर मानवता के पिलरों से भारत को बचाना है तो सम्राट अशोक के पिलरों के संदेश को जन जन तक पहुँचाना होगा।लटिया का यह अशोक स्तंभ भारत के लोक कल्याणकारी गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है।जिसके कारण भारत यवनो की गुलामी से आजाद होकर विश्वमंच पर भारत विश्वगुरु और विश्वविजेता कहलाया।आज अगर भारत मे कोई विदेशी भारत भ्रमण करने आता है या कोई अनुदान देता है तो वह बुद्ध और अशोक के कारण और किसी के कारण नही।सम्राट अशोक क्लब ऐसी ही महान गौरवशाली ऐतिहासिक सांस्कृति के प्रतीक भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति आम जनता को जागरूक करता है।ताकि धर्म ,संप्रदाय से ऊपर उठकर लोगों में राष्ट्रीयता का भाव पैदा हो।

उक्त मौके पर लटिया महोत्सव समिति के संयोजक धनंजय मौर्य, प्रमुख संतोष कुशवाहा ,कृष्णानंद मौर्य,प्रो डॉ अर्पिता चटर्जी,डॉ विनोद कुशवाहा,रामेश्वर कुशवाहा,डॉ रविंद्र मौर्य,जिंप सदस्य आकाश यादव,पेबारु कुशवाहा आदि रहे।अध्यक्षता डॉ दीना नाथ मौर्य ने किया। संचालन राजेश कुमार मौर्य ने किया।

