जमानियां (गाजीपुर) : नगर पालिका प्रशासन द्वारा नगर के व्यापारियों पर लगाये गए लाइसेंस शुल्क उपविधि के विरोध में स्टेशन व कस्बा बाजार के व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर रामलीला मैदान में चल रहे क्रमिक धरना प्रदर्शन का समर्थन बुधवार को दिया।लेकिन दोपहर एक बजे धरना स्थल पर पहुँचे एसडीएम अभिषेक कुमार ने लाइसेंस शुल्क पर नपा व व्यापारियों के बीच बैठक करा कर मांग पत्र पर विचार करने का आश्वाशन दिया तब धरना स्थगित कर दिया गया।लेकिन व्यापारियों ने कहा कि अगर एक सप्ताह में मांग पत्र पर ठोस कारवाई नहीं हुई तो पुनः धरना होगा।

व्यापार मंडल के आह्वान पर नगर के सभी व्यापारियों ने नगर पालिका के ट्रेड शुल्क लाइसेंस के विरोध में काली पट्टी बांधकर अपनी दुकानें बंद करके भारी संख्या में रामलीला मैदान पर पहुँच कर धरने में शामिल हुए। क्रमिक धरने को संबोधित करते हुए पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्त ने व्यापारियों की मांगो के समर्थन में कहा कि नगर पालिका द्वारा लगाया गया लाइसेंस शुल्क उपविधि पूरी तरह से गलत है।अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता पर जुबानी हमला बोलते हुए कहा कि जो व्यक्ति पहले खुद व्यापारी हुआ करता था, वह नगर अध्यक्ष बनने के बाद व्यापारियों की पीड़ा को भूल गया है और लाइसेंस शुल्क का बोझ डाल कर व्यापारियों का उत्पीड़न कर रहा है। कहा कि मैं खुद व्यापारी हूँ और मेरे पास कई तरह के लाइसेंस है, जिसमें कहीं भी ये नियम नहीं बना हुआ है कि अगर आप लाइसेंस शुल्क नहीं जमा करते हैं या देर से जमा करते हैं तो आपको कारावास होगा। लेकिन नगर पालिका प्रशासन हम व्यापारियों को लाइसेंस नहीं लेने पर 6 महीने की कारावास का प्रावधान करना चाहता है। वहीं अधिशासी अधिकारी को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हमें तो लगता है कि ये अधिशासी अधिकारी है भी या नहीं।मिट्टी तेल व गैस रिफिलिंग पर भी ये लाइसेंस जारी करेंगे।व्यापारियों के हक की लड़ाई में मैं हमेशा खड़ा रहूंगा।साथ ही इन्होंने मंच से ही अध्यक्ष व इओ के कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया।वही धरना में बैठे सभासद प्रमोद यादव,सुरेंद्र चौधरी,सचिन वर्मा ने कहा कि यह लाइसेंस शुल्क उपविधि व्यापारी हित में नहीं है।इसलिए इसको समाप्त करने की लड़ाई लड़ी जा रही है।इसके लगने से व्यापारियों को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी।धरना में विन्धयाचल शर्मा,नारायण दास ,राकेश जायसवाल,शंकर गोश्वामी,अरविंद गुप्ता,अजय जायसवाल,मक्खन वर्मा,शौकत अली आदि व्यापारी व सभासद रहे


