नन्दगंज थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह को मिला मुख्यमंत्री वीरता पदक सम्मान।
नंदगंज / गाजीपुर – गणतंत्र दिवस पर जनपद के द्वय सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा नंदगंज थाना की कमान संभाल रहे थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह को मुख्यमंत्री का वीरता पदक एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री द्वारा प्रदत्त वीरता पदक के साथ एक हजार रुपया का प्रतिमाह भत्ता भी मिलेगा। नन्दगंज थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह ने इस प्रतिनिधि को मुख्यमंत्री का वीरता पदक एवं कप्तान द्वारा प्रशस्ति पत्र मिलने पर गर्व और प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि मैं कानपुर के बीकरु कांड के फरार बदमाशों के धड़पकड़ तथा एनकाउंटर में सम्मिलित था।
उन्होंने ने याद दिलाते हुए कहा कि विगत 3 वर्ष पूर्व 03 जुलाई 2020 को उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद के बीकरू कांड में कुख्यात बदमाश विकास दुबे और उसके सहयोगियों द्वारा पुलिस बल पर गोलीबारी की गयी थी। जिसमें आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। इसे लेकर पूरे देश में सनसनी फ़ैल गयी थी।
उस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा बदमाशों के प्रति कड़े रुख पर पुलिस द्वारा उस गोलीकांड के बदमाशों के धरपकड़ की कार्रवाई में विकास दुबे का दाहिना हाथ व खास गुर्गा फरार अमर दुबे को घटना के तीन दिन के भीतर ही 6 जुलाई 2020 को हमीरपुर के मौदहा क्षेत्र में पुलिस द्वारा पहले एनकाउंटर में ही ढेर कर दिया गया था ।
बीकरु कांड के बदमाशो के धरपकड़ एवं एनकाउंटर में हमीरपुर के मौदहा कस्बा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह की मुख्य भूमिका रही थी । इसमें मौदहा कस्बा चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह ने ही पहली गोली अमर दुबे के हाथ पर मारी थी। लोगों का मानना है कि थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह थाना में आये फरियादियों से अच्छे व्यवहार के साथ पूरी बात सुनते हैं।
जिससे फरियादियों को संतोष मिलता है। इधर जबसे नंदगंज थाना की कमान संभाले हैं, तबसे थाना क्षेत्र में कुछ मामूली घटनाओं को छोड़कर शांति व्यवस्था पूरी तरह कायम है। थाना क्षेत्र में घटित घटनाओं का फर्दाफाश जल्द ही कर देने से पुलिस कप्तान भी खुश रहते हैं। खासकर रेवसां गांव के रामविलास कन्नौजिया हत्याकांड में कम समय में पांच में से चार अपराधियों को पकड़कर घटना का पर्दाफाश करते हुए घटना में प्रयुक्त असलहा बरामद करना रहा है।
इन सभी को देखते हुए गणतंत्र दिवस पर डीएम आर्यका अखौरी व एसपी ओमवीर सिंह ने मुख्यमंत्री का वीरता पदक से सम्मानित करने के साथ उनकी कार्यकुशलता व कठीन परिश्रम को देखते हुए कप्तान द्वारा अलग से प्रशस्ति पत्र भी दिया गया है। ऐसे अदम्य साहस एवं कर्तव्यनिष्ठ थानाध्यक्ष को पाकर क्षेत्र की जनता भी गर्वान्वित महसूस कर रही है।

