जमानियां। स्टेशन बाजार स्थित हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिंदी दिवस के अवसर पर महाविद्यालय सभागार में “वैश्विक हिंदी:दशा और दिशा” नामक शीर्षक से एक वृहद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सबसे पहले प्राचार्य प्रो अखिलेश कुमार शर्मा शास्त्री ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

विषय प्रवर्तन राजनीति शास्त्र विभाग के वरिष्ठ आचार्य मदनगोपाल सिन्हा ने किया। कार्यक्रम की अगली कड़ी में हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ संजय राय ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज हिंदी सिर्फ हिंदुस्तान में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में बहुत ही लोकप्रिय होती जा रही है। बढ़ते हुए इंटरनेट प्रयोग में भी हिंदी ने खुद को ढाल लिया है। आज विश्व के कोने में हिंदी की उपयोगिता बढ़ती जा रही है। कार्यक्रम में डॉ संजय कुमार सिंह डॉ अमित कुमार डॉ ओमप्रकाश लाल श्रीवास्तव आदि वक्ताओं ने हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही अपने जीवन में हिंदी को अपनाने की बात कही। कार्यक्रम में छात्र छात्राओं ने हिंदी के सम्मान में स्वलिखित कविताएं ने प्रस्तुत कर कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान की।
कार्यक्रम मुख्य अतिथि प्राचार्य प्रो. अखिलेश कुमार शर्मा ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि हिंदी आम जनमानस की भाषा है। इसे अपनाने से ही इसका महत्व और बढ़ेगा। 14 सितंबर 1949 को इसे राजभाषा के रूप में दर्जा दिया गया। विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा इसकी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए किया गया। उन्होंने बताया कि 14 सितंबर को हिंदी दिवस इस लिए मनाया जाता है। क्योंकि आजादी मिलने के बाद हिंदी को राष्ट्रीय स्तर पर इसे सम्मान प्राप्त हुआ था।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक गण एवं छात्र छात्राएं मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन आईक्यूएसी प्रभारी प्रोफेसर अरूण कुमार ने किया। कार्यक्रम का सफल संचालन हिंदी विभाग के सहायक आचार्य अभिषेक तिवारी ने किया।

