जमानिया क्षेत्र के धुस्का गांव में पशु चिकित्सालय सिर्फ नाम का बना हुआ है।जहा सरकारी पशु चिकित्सक कार्यरत भी है लेकिन आते ही नहीं हैं। धुस्का पशु चिकित्सालय के डॉक्टर जमानिया में ही रहते हैं जबकि धुस्का गांव के पशु चिकित्सालय के नाम पर कागजी खानापूर्ति की जाती है।

जब ज्ञान शिखा टाइम्स के संवाददाता वहां पहुंचे तो पशु चिकित्सालय बंद रहा वही स्थानीय लोगो से पूछने पर बताया गया की करीब एक वर्ष से कोई पशु चिकित्साधिकारी नही उपलब्ध है ।गांव के एक बेचू राम नाम के व्यक्ति यह पर उपस्थित रहते हैं।
जब बेचु राम को बुलाया गया तो उन्होंने बताया की वर्ष 2012 में यहा पशु चिकित्सालय बनकर तैयार हो गया था और हैंडोवर भी कर दिया गया था।

जिसका उद्घाटन वर्ष 2012 में सकुशल किया गया था, इस अस्पताल में पहली बार संजय नाम के एक डॉक्टर आते थे जो बनारस के निवासी थे
जोकी लगातार यहां पर पशुओं का उपचार सुचारू रूप से करते रहे जो की अपना स्थांतरण करा कर चले गए।
उसके पश्चात आज तक ना कोई डॉक्टर यहाँ उपस्थित नही हुए और ना ही कोई सुविधा
यहां पर पशु चिकित्सालय धुस्का में रखी हुई दवाइयां एक्सपायरी (खराब)हो चुकी है।
और दवा के कमरे में हमेसा ताला बंद पड़ा रहता है। कोई सुविधा नहीं है।

