जमानिया। पहाड़ी इलाको के साथ ही स्थानीय क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश से गंगा एवं कर्मनाशा नदी के जल स्तर मैं बढ़ोतरी हो रही है। लेकिन अब तक सामान्य स्तर नदी के जल को छू नहीं पाया है। जिस कारण अभी राहत है।

नदी में हो रही लगातार बढ़ोतरी को लेकर तहसील प्रशासन पूरी तरीके से मुस्तैद है और शुक्रवार देर शाम तक उप जिलाधिकारी ने तटवर्ती क्षेत्रों का जायजा लिया और निरीक्षण भी किया।
आपदा विशेषज्ञ की माने तो बाढ़ की स्थिति का मापदंड जलस्तर से लगाया जाता है और सामान्य जलस्तर क्षेत्र में 59.906‚ निम्न स्तर 61.550‚ मध्य स्तर 63.105‚ उच्च स्तर 65.220 मीटर है। वर्तमान समय में गंगा नदी एक सेंटीमीटर प्रति घंटे के दर से बढ़ रही है और 55.110 मीटर पर है। जो सामान्य जलस्तर से दूर है। ये राहत की बात है। ज्ञात हो कि क्षेत्र दक्षिण ओर कर्मनाशा और पश्चिम ओर गंगा नदी से घिरा हुआ है। जिससे बाढ़ का खतरा लगातार बना रहता है। क्षेत्र के लोग लगभग प्रत्येक वर्ष बाढ़ से लोग परेशान रहते है। वर्ष 2019 में आई बाढ़ का उच्च जलस्तर 64.530 मीटर‚ वर्ष 2021 में 64.680 मीटर और वर्ष 2022 में बाढ़ का उच्च जलस्तर 64.390 मीटर रहा। आंकड़ों की माने तो एक वर्ष छोड़कर बाढ़ आती है जो 64 मीटर से ऊपर होती है। क्योकि पिछले वर्ष बाढ़ आई थी। इस वर्ष बाढ़ आने की संभावना कम है। जो राहत की बात है। उप जिलाधिकारी हर्षिता तिवारी ने बड़ेसर गांव स्थित चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल, बलूआ घाट, बड़ेसर घाट, कंकड़वा घाट सहित अन्य तटवर्ती क्षेत्रों का भ्रमण किया और जरूरी दिशा निर्देश दिए। इस संबंध में उपजिलाधिकारी हर्षिता तिवारी ने बताया कि तटवर्ती इलाकों के लेखपालों को अलर्ट कर दिया गया है और क्षेत्र में पैनी नजर बनाये रखने के निर्देश दिये है। इसके साथ ही तटवर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोगो को एहतियात और सतर्कता बरतने के लिए लगातार क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा बताया व निर्देसित किया जा रहा है।

