Friday, July 3, 2026
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गाज़ीपुर के सत्यदेव ग्रुप ऑफ़ कॉलेजे में 1 मई को ‘अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस’ पर शिक्षणेतर कर्मचारीगण को किया गया सम्मानित।

गाज़ीपुर के सत्यदेव ग्रुप ऑफ़ कॉलेजे में 1 मई को ‘अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस’ पर शिक्षणेतर कर्मचारीगण को किया गया सम्मानित।

गाज़ीपुर- स्थानीय क्षेत्र के सत्यदेव ग्रुप ऑफ़ कॉलेजे में 1 मई को ‘अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस’ पर कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के समस्त शिक्षणेतर कर्मचारीगण को अंगवस्त्र प्रदान कर किया गया सम्मानित।

फ़ोटो- गाज़ीपुर के सत्यदेव ग्रुप ऑफ़ कॉलेजे में  ‘अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस’ पर कार्यक्रम के दौरान माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करती मुख्य अतिथि डॉ० सुमन सिंह एवं डॉ० प्रीति सिंह।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय सत्यदेव ग्रुप ऑफ़ कॉलेजेस की निर्देशिका मुख्य अतिथि डॉ० सुमन सिंह एवं डॉ० प्रीति सिंह द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया I

कार्यक्रम के दौरान छोटे-छोटे बच्चों द्वारा पहला कार्यक्रम रामचरित मानस की चौपाइयों का वाचन अत्यंत ही मनमोहक एवं रोमांचित ढंग से विभिन्न स्वरों में प्रस्तुत किया गया जो सुनकर मुख्य अतिथि गण सहित सभी लोग मंत्रमुग्ध हो गये। तत्पश्चात बच्चों ने श्रमिकों पर आधारित एक समूह गान प्रस्तुत किया

विद्यालय के वरिष्ठ वर्ग के छात्र-छात्राओं द्वारा एकांकी नाटक “हम मजदूरों का करो सम्मान, तभी बनेगा देश महान” बहुत ही आकर्षक रूप से प्रस्तुत किया गया I यह नाटक गहरा संदेश परक था जो हमारे समाज में जातिगत विसंगतियों को दूर करते हुए अखंडता में एकता का संदेश दे रहा था I कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि गण डॉ सुमन सिंह जी एवं डॉ प्रीति सिंह जी ने सभी शिक्षणेतर कर्मचारी गण को अंगवस्त्रम एवं आकर्षक उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिस दौरान उन्होंने सारगर्भित भाषण में कहा की समाज में जितने भी लोग रहते हैं चाहे कोई बड़ा काम करता हो या छोटा सब कर्मचारी ही हैं सब श्रमिक के रूप में ही हैं ।

हमारे देश का उत्थान या विद्यालय का परिसर, सब कुछ श्रमिकों के परिश्रम पर ही निर्भर करता है । डॉ प्रीति सिंह जी ने विद्यालय परिवार से जुड़े सभी शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारीगण व विद्यार्थियों का अभिवादन करते हुए उन्होंने संदेश दिया कि भगवान के बाद अगर दूसरा कोई शुभचिंतक हम सबका है तो वह श्रमिक हैं । भगवान के हाथों में सबकी जिंदगी होती है।

उसी तरह विद्यालय के सभी चालकों के हाथ में सारे विद्यार्थियों की जिंदगी होती है। यहां तक कि बड़े से बड़े लोग भी अपने महंगी गाड़ियों में चलते हैं लेकिन उनकी भी जिंदगी उनके चालक के हाथ में होती है। अतः हम सब को श्रमिकों का सम्मान और पूजा उसी तरह करनी चाहिए जैसे हम भगवान की करते हैं ।

सत्यदेव ग्रुप ऑफ़ कॉलेजेस के प्रोफेसर सानंद सिंह के पद चिन्हों पर अग्रसर सत्यदेव इंटरनेशनल स्कूल की खड़ी इमारत सिर्फ अपनी ऊंचाई के लिए नहीं बल्कि आधुनिक शिक्षा, उच्च संस्कार एवं उत्कृष्ट प्रतिभा को उत्पन्न करने वाली एक उपजाऊ जमीन के रूप में जानी जाती है Iकार्यक्रम के अन्त में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री चंद्र सेन तिवारी ने सभी मुख्य अतिथि गण, शिक्षक गण, शिक्षणेत्तर कर्मचारी गण तथा विद्यार्थियों का ‘श्रमिक दिवस’ पर अभिनंदन करते हुए उन्होंने कहा की विद्यालय में श्रमिक दिवस मनाने का सबसे बड़ा उद्देश्य है आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ संस्कार को भी मजबूत करना । विज्ञान के युग में हम सभी वैज्ञानिक रूप से विकास तो कर रहे हैं लेकिन संस्कार की दृष्टि से पीछे होते जा रहे हैं ।

अंत में उन्होंने कहा की ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ सूक्ति का शब्दशः पालन करने वाला अगर कोई है तो वह श्रमिक वर्ग है जो अपने पसीने की बूंदों को स्थानीय क्षेत्र से लेकर शहरी क्षेत्रों तक विकास के रूप में चमकाता है । अंत में उन्होंने मुख्य अतिथि गण का हृदय से आभार व्यक्त किया

इस अवसर पर सत्यदेव ग्रुप ऑफ कॉलेज के काउंसलर  दिग्विजय उपाध्याय, सत्यदेव डिग्री कॉलेज के निदेशक श्री अमित रघुवंशी   आवेश कुमार ,अक्षय उपाध्याय, शिवांगी सिंह, प्रकाश सिंह, श्रेया राय, विद्यालय के मीडिया प्रभारी अमित सिंह, अवनीश राय, शिक्षणेत्तर कर्मचारी गण में अरविंद यादव, श्रवण पांडे, काशीनाथ, वीरेंद्र सिंह, मंगला यादव, ओम प्रकाश, कल्याण ,काशी, विक्रम, कालेश्वर, रामजी, विनय, वंदना, अनीता, सुमित्रा, प्रेम, देवेंद्र नाथ, बबलू ,अक्षय लाल ,दिलीप कुमार, इत्यादि उक्त अवसर पर सम्मान ग्रहण किए । प्रभावशाली संचालन का कार्य महिमा यादव ने किया।

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