Sunday, June 21, 2026
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सुहवल में सिंचाई विभाग के द्वारा क्षमता से ज्यादा तेज प्रवाह में पानी छोडे जाने के कारण क्षेत्र के कई गाँवों में कई बीघा फसल नष्ट।

सुहवल में सिंचाई विभाग के द्वारा क्षमता से ज्यादा तेज प्रवाह में पानी छोडे जाने के कारण क्षेत्र के कई गाँवों में कई बीघा फसल नष्ट।

सुहवल-  अधियारां बडौरा माईनर में‌ सिंचाई विभाग के द्वारा क्षमता से ज्यादा तेज प्रवाह से पानी छोडे जाने के चलते क्षेत्र के कई गाँवों के एक दर्जन किसानों के द्वारा खेतों में बोई गई गेहूं, प्याज, चना, मटर, सरसों, आलू, गन्ना ,अरहर, हरिमिर्च ,सब्जियां आदि की करीब बीस वीघे फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो गई।फसल के जलमग्न होने की जानकारी होते ही किसानों ने तत्काल इसकी सूचना सिंचाई विभाग के कर्मियों और अधिकारियों दी ,जिसके बाद महकमें के द्वारा इस माइनर में पानी की आपूर्ति ‌अगले आदेश तक बंद कर दिया गया। तब जाकर किसानों ने कुछ राहत की सांस ली, किसानों ने बताया कि महकमें की उदासीनता है कि प्रत्येक वर्ष इसी तरह लोगों की फसलें बर्बाद हो जाती है।

जिसके चलते किसानों को बडे पैमाने पर आर्थिक नुकसान उठाना पडता है । वहीं लोगों ने बताया कि पूर्व में हुए नुकसान की आज तक महकमें के द्वारा क्षतिपूर्ति नहीं दी ग ई। किसानों का कहना है कि उन्हें नहीं सूझ रहा है इस गम्भीर समस्या से कैसे निजात मिले ताकि वह अपने फसलों को सुरक्षित बचाया जा सके ।लोगों ने मांग किया कि जरूरत के मुताबिक समय से अगर पानी छोडा जाता तो यह हश्र नहीं होता।

लोगों ने बताया कि पूर्व में क ई बार तो यह स्थिति हो जाती कि‌ यह पानी गाँव की बस्तियों की तरफ अपना रूख करने से विकट स्थिति पैदा हो जाती थी। किसानों ने कहा कि करीब छह किमी लंम्बी यह माइनर दशको से अपूर्ण है,जो सुगवलियां‌ रेलवे लाइन के पास आकर‌ रूकी पडी है।मांग किया कि अगर बडौरा तक इस माइनर का‌ विस्तार हो जाता तो शायद इस समस्या से छुटकारा मिल जाता। ‌इस सम्बन्ध में सिंचाई विभाग के अवर अभियंता चंदन कुमार ने बताया कि माइनर में पानी बंद कर दिया गया है।

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