हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय ज़मानिया हिंदी दिवस पर स्पंदन काव्य संग्रह का हुआ विमोचन।
जमानियां / गाज़ीपुर- स्थानीय स्टेशन बाजार स्थित हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा हिंदी दिवस तथा विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर अमित कुमार वर्मा उपाख्य “यायावर” के काव्यसंग्रह स्पंदन का लोकार्पण समारोह सकुशल सम्पन्न हुआ।
महाविद्यालय परिवार हिंदी दिवस व यायावर की रचना “स्पंदन” के विमोचन तथा हिंदी दिवस पर महाविद्यालय के प्रबंधक लछि राम सिंह यादव एवं ‘सौरभ साहित्य परिषद’ के संस्थापक वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र सिंह पूर्व प्राचार्य प्रो.शरद कुमार महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.संजीव सिंह एवं बाराबंकी के सुख्यात कवि संजय सांवरा ने संयुक्त रूप से पुस्तक का विमोचन किया।
विषय प्रवर्तन राजनीतिशास्त्र विभाग के प्रो. मदनगोपाल सिन्हा ने किया।उन्होंने कहा कि पूरा विश्व आज भारत की ओर देख रहा है जो प्रमाणित करता है कि विश्व में हिंदी की स्थिति सुदृढ़ तथा मजबूत हो रही है।अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. राकेश कुमार सिंह ने हिंदी को मन वचन और कर्म से अपनाने को कहा।
हिंदी विभाग के अस्सिटेंट प्रोफेसर अभिषेक तिवारी ने ‘स्पंदन’ काव्य संग्रह से गीत प्रस्तुत कर लोगों का में मोह लिया। साथ ही उन्होंने कहा कि कविवर अमित की रचनाओं में चिंगारियां भी हैं और पथ को ज्योतित करने का जुनून भी।
मुख्यवक्ता के रूप में प्रो. अखिलेश कुमार शर्मा शास्त्री विभागाध्यक्ष हिंदी ने कहा कि हिंदी इन दिनों समृद्ध हुई है हमारा दायित्व लोगों को जागरूक करने का है।आज हिंदी हमारे देश की संस्कृति और धर्म की वाहक है इसके वगैर किसी भी भारतीय का अस्तित्व नहीं।
विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र सिंह ने अपने बीज वक्तव्य में हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कवि अमित के उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की मंगल कामना की।
उन्होंने कहा कि कवि कर्म केवल रचनाकार को तोष नहीं प्रदान करता वरन यह समाज के परिमार्जन का भी सुकार्य करता है।कवि अगर साहित्यिक अवदान द्वारा समाज का सृजन नहीं कर पाता तो निश्चित रूप से उसकी कृति कूड़ा है।आज मस्तिष्क उर्वर होता जा रहा जबकि मानवता मरती जा रही है इस पर भी विचार करना होगा।क्योंकि कवि कार्य ही है।
विसंगतियों पर हथौड़ा चलाना, जिसे बखूबी जिया है स्पंदन के रचनाकार डॉ.अमित वर्मा “यायावर” ने।इनकी भाषा व्याकारणिक रूप से समृद्ध एवं आमजन की भाषा है जो पाठक को अपनी तरफ आकर्षित करने की शक्ति रखती है। इस सुंदर रचना के लिए मैं अमित को पुनः पुनः बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर संजीव सिंह ने किया।प्रो.सिंह ने हिंदी को दैनिक जीवन अधिकाधिक प्रयोग में लाने की बात कही।अभ्यागतों के प्रति आभार हिंदी वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ.अंगद प्रसाद तिवारी ने बखूबी किया।संचालन एवं सुकंठ काव्य पाठ बाराबंकी से पधारे कवि संजय सांवरा ने करते हुए लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में प्रो.शरद कुमार,प्रो.विमला देवी,प्रो.अरुण कुमार, डॉ. संजय कुमार सिंह, डॉ.संजय कुमार राय,डॉ.अरून्धती त्रिवेदी, रामलखन यादव, बिपिन कुमार, डॉ.सुनील कुमार चौधरी, डॉ. लालचन्द पाल, डॉ.अखिलेश कुमार जायसवाल, डॉ.नीतू सिंह डॉ.जितेन्द्र कुमार सिंह, डॉ.रवीन्द्र कुमार मिश्र सहित विभाग तथा महाविद्यालय के छात्र छात्राओं ने उत्साह पूर्वक सहभागिता की।इस आशय की जानकारी महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी प्रो..अखिलेश कुमार शर्मा शास्त्री ने विज्ञप्ति जारी कर दी।

