ज़मानिया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में खड़ी महामाया सचल अस्पताल वाहन के ऊपर लगी एयर कंडीशनर मशीन (ऐसी ) हुआ गायब।
ज़ामनिया / गाज़ीपुर- नगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी आवास के पीछे लावारिस हालत में खड़ी महामाया सचल अस्पताल वाहन के ऊपर लगा एयर कंडीशन मशीन( वातानुकूलक यंत्र) हुआ गायब। सरकारी विभागों में क्या चल रहा है।
ज़मानिया नगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी चिकित्सा अधिकारी आवास के महज़ 5 मीटर दूर पर खड़ी महामाया सचल अस्पताल वाहन के ऊपर लगी एयर कंडीशनर मशीन का गायब हो जाना सरकारी महकमा के उपर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। वर्तमान सरकार में कोई बड़ी बात नही है इस सरकार में सरकारी विभाग में लूटपाट मचा हुआ है।
इस अंधेरी नगरी वाली सरकार में किसी भी अधिकारी की कोई जिम्मेदारी नहीं है। कि आखिरकार सरकारी विभाग के स्वास्थ्य केंद्र परिसर में खुले आसमान के नीचे लाखों रुपये के लागत से इस सचल अस्पताल वाहन से गायब कैसे हुआ। सायद सत्ता और सूरत बदल गई पर नहीं बदला महामाया सचल अस्पताल वाहन की दशा में कोई परिवर्तन नहीं आया नगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में खुले आसमान के नीचे लाखों रुपये का वाहन नमक के भाव हो गया।
सचल अस्पताल वाहन खुद के वारिश के इंतजार में घास फूस से अटा पटा पड़ा हुआ है। सत्ता बदला, सूरत बदली पर नहीं बदला महामाया सचल अस्पताल वाहन की दशा। नगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में खुले आसमान के नीचे लाखों रुपये का वाहन नमक के भाव हो गया। सचल अस्पताल वाहन खुद के वारिश के इंतजार में कूड़े के ढ़ेर में पड़ा हुआ है।
बसपा शासन काल में महामाया सचल अस्पताल वाहन स्वास्थ्य केंद्र को आवंटित किया गया। ठेकेदारी प्रथा से चिकित्सक, फार्मासिस्ट सहित स्वास्थ्य कर्मचारी की तैनाती की गई थी। गांव में डायरिया समेत अन्य संक्रामक बीमारी अथवा डिलेवरी के दौरान सचल अस्पताल वाहन चिकित्सकों व कर्मचारियों के साथ गांव-गांव में पहुंच आवश्यक उपचार करता था।
यह वाहन वातानुकूलित होने के साथ ही आपरेशन से लेकर तमाम सुविधाओं से लैश था। लेकिन सत्ता बदलते ही सचल अस्पताल वाहन खुद के वारिश की तलाश में है। संयुक्त चिकित्सालय परिसर में काफी दिनों तक लावारिश हालत में पड़े वाहन को की वर्ष पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में कर खड़ा कर दिया गया।
तब से आज तक यह वाहन जहां का तहां पड़ा हुआ है। बता दें कि सचल अस्पताल वाहन सेवराई के अलावा ज़िले में कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को भी मिला था। कई वर्षों से स्वास्थ्य केंद्र में पड़े सचल अस्पताल वाहन की सुधि लेते हुए मरम्मत कराने की किसी भी अधिकारी कोई परवाह नहीं है। यह वाहन आम जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने लगा। लोगों को उम्मीद जगी पर स्वास्थ्य केंद्र के सचल अस्पताल वाहन की ओर जिला प्रशासन की नजरें इनायत नहीं हो पाई।

