बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी।
ज़मानिया / गाज़ीपुर- हिंदू धर्म में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। वही शुक्रवार को क्षेत्र में जन्माष्टमी पर नगर क्षेत्र सहित ग्रामीण क्षेत्रों काफी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
जन्माष्टमी यह पर्व रात्रि के 12 बजकर 03 मिनट से लेकर रात 12 बजकर 47 मिनट पर नीशीथ काल में भगवान श्री कृष्ण की मध्यरात्रि के शुभ मुहूर्त पर भक्तों ने पूजा पाठ उपवास रखकर भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर क्षेत्र समस्त थाना और कोतवाली में स्थित मंदिरों समेत नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों कस्बा बाजार, लोदीपुर, चाँदपुर नई बस्ती, हरपुर, जीवपुर, मतसा, मलसा, में बच्चों द्वारा अपने घरों में भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर अनेक प्रकार से सजा-सज्जा की सामग्रियों द्वारा अलंकृति कर झाँकी सजाकर पूजा और अर्चना किया गया। हिन्दू धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद (भादों) माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में हुआ था. भगवान कृष्ण की याद में और उनकी कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए भक्त हर साल भादों कृष्ण अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी का पर्व मनाते हैं।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक वर्ष भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन जन्माष्टमी का पर्व होता है। मान्यता है कि इसी दिन रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म श्रीहरि विष्णु के आठवें अवतार के रूप में हुआ था। इस बार पंचांग मुहूर्त और उदयातिथि के अनुसार शुक्रवार 19 अगस्त 2022 को जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाएग।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार भी जन्माष्टमी के लिए 19 अगस्त का दिन उत्तम माना जा रहा है। जन्माष्टमी के दिन श्रीकृष्ण का साज-श्रृंगार किया जाता है। उन्हें नए वस्त्र और आभूषण पहनाएं जाते हैं और झूले में झुलाया जाता है। यह दिन भगवान कृष्ण और भक्तों के लिए बहुत खास होता है। इस दिन पूजा व्रत करने से भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।

