प्रदेश में किसानों के धान खरीदने के लिए बने आधुनिक टोकन प्रणाली व्यवस्था हुई फेल
सेवराई- शासन द्वारा टोकन सिस्टम पुन: खत्म करने के कारण किसानों को अपने फसलों को बेचने के लिए लम्बा इन्तेजार करना पड़ेगा। बीते दिनों हुई बरसात से किसानों के धान लाख जतन के वावजूद भींग गए हैं जिससे किसान चिंतित एवं परेशान हैं किसानों ने मजदूर लगाकर अपने धान को सड़ने से बचाने के लिए कवायद में जुट गए हैं।
धान का कटोरा कहे जाने वाले इस क्षेत्र में हर साल धान की बिक्री के लिए किसानों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है वही बिचौलियों के हाथों ओने पौने दामों पर कुछ किसान अपनी गाढ़ी कमाई को बेचकर इस जंजाल से मुक्ति पा लेते हैं। विगत दिनों सेवराई पूर्व माध्यमिक विद्यालय स्थित धान क्रय केंद्र पर नंबरिंग सिस्टम से धान की तौल कराने के लिए निर्देश दिया गया था लेकिन शासन द्वारा आए गाइडलाइन के तहत पुनः टोकन सिस्टम से ही खरीदारी करने की निर्देश दी गई।
जिन किसानों का खरीदारी होना था उन्होंने अपना धान क्रय केंद्र पर लाकर रख दिया लेकिन बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश के कारण किसानों का सारा धान भीग गया है। वही विभाग द्वारा पिछले 2 दिन से खरीदारी भी बंद कर दी गई है। मजबूरी बस किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए मजदूर लगाकर धान को खुले आसमान के नीचे सुखाने के लिए विवश है।
किसान रामनरायन कुशवाहा, सकीचन्द कुशवाहा, रवि, अरुण सिंह, सुर्दशन सिंह, मुन्ना सिंह, अजय सिंह, धनजी पांडेय, कृष्ण देव् सिंह आदि ने बताया कि पचले तो अधिकारियों के द्वारा हमें केंद्र का चक्कर लगाया गया उसके बाद बरसात और अब खरीद में विलंब के कारण फसल खराब होने की कगार पर आ गए हैं।
बरसात से बचाने के लिए जहां हजारों रुपए के त्रिपाल और प्लास्टिक लगाए गए वहीं आप भीगे हुए फसलों को सुखाने के लिए मजदूर भी करने पड़ रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाते हुए बताया कि योगी सरकार धान खरीद करने की मिजाज में नहीं है यह बस किसानों के हित और लुभावने वादे और हितैषी होने का दावा कर रहे हैं।

