आधुनिकीकरण के बाद भी सरकारी धान बिक्री केन्द्रों पर डिजिटल टोकन व्यवस्था फेल
जमानियां / गाजीपुर- आधुनिकीकरण के बाद भी सरकारी धान बिक्री केन्द्रों पर डिजिटल टोकन व्यवस्था फेल हो जाने के कारण किसानों नाकों चना चबाना पड़ रहा है वही क्षेत्र के किसानों को धान बेचने के लिए जहां एक ओर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वही दूसरी ओर बटाईदार किसानों के मोबाइल पर आये मेसेज ने इनकी मुश्किलें बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार धान बिक्री के लिए बटाईदार किसानों ने पंजीकरण कराया और टोकन भी जनरेट करा लिया लेकिन जब किसान जब क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए पहुंचे तो पता चला कि उनका टोकन निरस्त कर दिया गया है। जिसका एक मेसेज पंजीकृत मोबाइल नंबर पर सरकार की ओर से भेजा गया है। जिसमें लिखा गया है कि किसान बंधु अपरिहार्य कारणों से आपका टोकन निरस्त कर दिया गया है। पुनः नया टोकन जारी करने के निर्देश दिये गये है।
वही जब किसान दोबारा टोकन जनरेट करने का प्रयास किया जा रहा है तो टोकन जनरेट नहीं हो पा रहा है। जिससे किसान अधजल में फंस गया है। वहीं बारिश की वजह से किसानों के माथे पर चिंता की लकीर साफ देखी जा सकती है। किसान सुशीला देवी‚ आलोक रंजन‚ प्रभाकर सिंह आदि बटाईदार किसानों का कहना है कि बड़ी मुश्किल से धान बेचने के लिए किसी तरह से रजिस्ट्रेशन कराया गया और टोकन जनरेट कराया गया है।
लेकिन अचानक आज सुबह मेसेज आ गया कि आपका टोकन निरस्त कर दिया गया है। दोबारा जारी करायें। जब दोबारा जारी कराने का प्रयास किया गया तो नया टोकन जारी नहीं हो पा रहा है। बताया कि एक ओर धान बिक नहीं पा रहा है तो वही दूसरी ओर बारिश से धान भीग गया है। ऐसे में किसान पर दोहरी मार पड़ रही है और परेशानी बढ़ गई है।
ए0एम0ओ0 शैलेश यादव ने बताया कि बटाईदारों का टोकन निरस्त किया गया है लेकिन अब तक कोई इसको लेकर दिशा निर्देश नहीं मिला है। आवेदन को अनलॉक करने के लिए एडीएम के स्तर पर आवेदन प्रस्तुत करना होगा।

