जमानिया/गाजीपुर आपको बतादे की देवैथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भगवान भरोसे या कर लीजिए हैं वार्डबॉय भरोसे ही चलता हैं यहां आने जाने वाले मरीज आज तक यहा नियुक्त डॉक्टर को जानते पहचानते ही नहीं है,
क्योंकि वो कभी वहा जाते ही नहीं है,स्थानीय लोगो की माने तो यह अस्पताल एक संविदाकर्मी के भरोसे चलता है जो कभी एक दो घंटे आता है और बिना समय चला जाता है,

यही नहीं संविदाकर्मी को दवाओं की जानकारी नहीं होने के बावजूद भी ग्राम वासियों को दवा देता है,मीडिया रिपोर्टर ने
दवाओं के बारे में जानना चाहा तो उसने कोई जानकारी नहीं होने कि बात बताई,और सबसे बड़ी बात इस अस्पताल में डॉक्टर के टेबल पर रखी कोविंद-19 का जांच किट रखे रखे ही एक्सपायरी हो गया। और तो और महत्वाकांक्षी योजनाआ स्वच्छ भारत अभियान का की तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवैथा के कर्मचारियों ने तो हवा ही नकाल दी है। अस्पताल परिसर में कभी सफाई तो लगता है होती ही नही है। यहां पर फैली गंदगी इसकी बदहाल व्यवस्था और मुख्य चिकित्सक के गैर जिम्मेदाराना रवैए को दर्शाता है।

