सुहवल में राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित सीआरपीएफ के सहायक कमांडेंट की मनाई गई 32वी पुण्यतिथि।
सुहवल- युवराजपुर में बुधवार को मरणोपरांत राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित सीआरपीएफ के सहायक कमांडेंट रहे शहीद विश्वंम्भर सिंह की 32 वीं पुण्यतिथि मनाई गई ।
मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त पुलिस उपनिरीक्षक कैलाश सिह ने शहीद की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ ही पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान दर्जनों ग्रामीणों ने अपने लाल शहीद के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा,साथ ही कैंडिल जला श्रद्धांजलि दी एवं अपने इस लाल के मातृ भूमि के लिए दिए गये सर्वोच्च बलिदान को याद किया।
इस दौरान मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त पुलिस उपनिरीक्षक कैलाश सिह ने कहा कि अपने देश के लिए शहीद होना सबके नसीब में नहीं होता है। कहा कि राष्ट्रहित एवं मातृभूमि के लिए शहादत से बड़ा कोई कार्य नहीं है। कहा कि इस लाल ने सी आर पीएफ सहायक कमांडेंट के पद पर रहते हुए विश्वंम्भर सिंह ने अपने आपरेशनों में हिस्सा लिया,दुर्गम क्षेत्रों एवं विपरीत मौसमों के बावजूद उन्होंने अपने ड्यूटी पूरी इमानदारी से निभा देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
वहीं युवा समाजसेवी डाक्टर शम्मी सिंह ने कहा कि युवराजपुर गाँव निवासी सीआरपीएफ में सहायक कमांडेंट के पद पर तैनात विश्वंम्भर सिंह 22 फरवरी 1991 को पंजाब प्रांत के तरनतारन अजियान गाँव में उग्रवादियों से हुई मुठभेड़ में मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हो गये थे। कहा कि मुठभेड़ के दौरान ही उन्होंने 20 लाख के इनामी आतंकवादी को भी ढेर किया था।
जिसके बाद सरकार ने उनके इस शौर्य व पराक्रम को देखते हुए मरणोपरांत राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया । वहीं विजय प्रताप सिंह ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है कि आज हमारे गाँव का लाल देश की मातृभूमि के लिए काम आया और देश विरोधी ताकतों के मंशूबे को विफल करते हुए खुद शहीद हो गया, ऐसे जवान पर हम ग्रामीणों को फक्र है।
इस अवसर पर लक्ष्मण सिंह ,बब्बन सिह ,विकास सिह, ओमप्रकाश सिह, टप्पू यादव,मनोज चौधरी , विशम्भर निषाद, अंकित सिह , अमन , पुनीत , राजेश , भाली सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।

