गहमर स्टेशन पर रेल रोको आन्दोलन कारियो पर चला प्रशासन का डण्डा आचार संहिता का उल्घन करने मे सैकड़ो के खिलाफ मुकदमा दर्ज चार लोग भेजें गये जेल ।
गहमर – स्थानीय क्षेत्र स्थित गहमर स्टेशन परिसर के बाहर भूतपूर्व सैनिक सेवा समिति और व्यापार मंडल द्वारा बड़ी संख्या में ग्रामीण विगत दो सप्ताह से कोरोना काल से स्थानीय स्टेशन पर पूर्व आधारित ट्रेनों के पुनः परिचालन को धरना प्रदर्शन किया जा रहा था।

सोमवार लेकिन वही सायंकाल गहमर स्टेशन परिसर के बाहर भूतपूर्व सैनिक सेवा समिति और व्यापार मंडल द्वारा बड़ी संख्या में ग्रामीण संग रेल ठहराव के लिए चल रहे आमरण अनसन के दौरान ग्रामीणों द्वारा मशाल जुलूस निकालने के बाद मंगलवार को उपज़िलाधिकारी और क्षेत्रधिकारी ज़मानिया द्वारा प्रशासन प्रदर्शनकरियो बलपूर्वक धरना स्थल से गिरफ्तार कर टेंट तंबू उखाड़ दिया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन के इस रवैये को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश वयाप्त है। ज्ञात हो कि स्थानीय गांव के रेलवे स्टेशन पर कोरोना को आधार बनाकर यहां रुकने वाली कई जोड़ी ट्रेनों का ठहराव खत्म कर दिया गया था जिसके पुनः ठहराव को लेकर भूतपूर्व सैनिक सेवा समिति, रेल पुनः ठहराव समिति,व्यापार मंडल के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण विगत 15 दिनों से अनशन कर रहे थे।
अपनी मांगों को पूरा ना होते देख पूर्व सैनिकों ने 3 दिन पूर्व से आमरण अनशन करना शुरू कर दिया था। मंगलवार की शाम गांव के पकडीतर मैदान से ग्रामीणों द्वारा मशाल जुलूस निकालकर रेल प्रशासन का विरोध किया गया। मशाल जुलूस निकालने की सूचना पर प्रशासन एक्टिव मोड में आ गया। सोमवार की रात लगभग 11.30 रेलवे स्टेशन पर आमरण अनशनरत आनंद मोहन सिंह, महेंद्र उपाध्याय, सुधीर सिंह एवं रोहित सिंह को पुलिस गिरफ्तार कर अपने साथ जिला मुख्यालय भेजा गया।
दर्जनों की संख्या में ग्रामीण भूतपूर्व सैनिक सेवा समिति के सदस्यों के साथ पुलिस अधीक्षक एवं जिलाधिकारी से वार्ता करने पहुंच गए । वही गिरफ्तार आंदोलनकारियों ने प्रशासन द्वारा दुर्व्यवहार करने तथा उनका मोबाइल और पैसा छीनने का आरोप भी लगाया है।

