जमानिया / गाजीपुर- देेेश की सीमा इस अँधेर नगरी वाले देश मे सीमा की रक्षा करने वाले सैनिक को न्याय के लिए आज कभी उस दरवाजे तो कभी उस दरवाजे भटकना पड़ रहा है।
एक कहावत है ” जिसकी लाठी उसकी भैंस” लेकिन यह सच है वर्तमान में प्रत्येक सरकारी विभाग में भ्रष्टाचार अपने चरम सीमा पर है, आज के परिवेश में साधारण व्यक्ति न्याय के किस के पास जाएगा जहाँ जाएगा वहाँ वही भ्रष्टाचारी वही घूसखोर बैठा मिलेगा।
स्थानीय कोतवाली अंतर्गत ग्राम सभा बरुईन निवासी अमीना खातून पत्नी अकबर अपने ही भूमि पर दबंगों द्वारा कब्जा करने को लेकर न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अराजी 612 सं0 और 420 सं0 0.666 रकबा 1002 , रकबा 1003, और 1180 सं0 रकबा 1003 पर अमीन के नाम से दर्ज हैं लेकिन गाँव के ही नवीहन पत्नी स्लाम द्वारा फर्जी कागजात के आधार पर खतौनी में अपना नाम अमीना उर्फ मीना का नाम दर्ज कराकर हमारी भूमि सन्तोष व नन्दू के नाम के व्यक्ति को बेच दिया गया हैं।
और आज हम न्याय के लिए कभी उस अधिकारी तो कभी उस अधिकारी के दरवाजे अपना सिर पटक रहे हैं लेकिन हमारी कौन सुनने वाला है ।


