जमानियां। तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी दी गई।

शिविर की अध्यक्षता कर रहे तहसील विधिक सेवा समिति के सचिव एवं तहसीलदार देवेंद्र यादव ने अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अधिनियम 1989 के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह अधिनियम अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लोगों पर अत्याचार और अपराध रोकने, ऐसे अपराधों से पीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए बनाया गया है। अधिनियम के अंतर्गत अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लोगों का उत्पीड़न करने वाले व्यक्ति को कम से कम छह महीने और अधिक से अधिक पांच साल की सजा औैर जुर्माने का प्राविधान है।उन्होंने कहा कि नशे की प्रवृत्ति के कारण बाल विवाह और बच्चियों के शारीरिक शोषण की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जांच एजेंसी को जागरूकता संगोष्ठी आयोजित कर लोगों को नशे से दूर रहने का आह्वान करना चाहिए। इस अवसर पर इंद्र प्रताप सिंह, नसीमुल्लाह, न्शलेंद्र कुमार यादव, दीनदयाल शर्मा, विजय कुमार, पंकज जायसवाल, संतोष यादव, मुरारी यादव, राम पेकाशा राम आदि दर्जनों लोग मौजूद रहे।

