बरहपुर स्थित गांगी नदी में कीचड़युक्त जल में कैसे होगी छठ पूजा, व्रती महिलाएं को होंगी काफ़ी परेशानी।
नन्दगंज (गाजीपुर)। नंदगंज बाजार सहित आसपास गांवों की छठी व्रती महिलाएं छठ मइया पूजा की तैयारी करके शुक्रवार से इस महापर्व का शुभारम्भ भी कर दिया है। लेकिन बरहपुर गांगी नदी में अर्ध्य देय स्थल पर पानी बहुत कम होने के साथ कीचड़युक्त पानी में जलकुम्भी फैली हुई है।

ऐसे गन्दे कीचड़युक्त जल में नहाना तो दूर अर्ध्य देना भी सम्भव नहीं है। क्षेत्र की छठ व्रती महिलाओं ने प्रशासन से जौहरगंज नहर से गांगी नदी में तत्काल पानी छोड़ने की मांग कर रही है। एक दिन पूर्व गुरुवार को सैदपुर के उपजिलाधिकारी पुष्पेन्द्र बरहपुर गांगी नदी तट का निरीक्षण करने आये थे तो छठ पूजा के आयोजकों ने नदी में पानी बहुत कम होने की बात बताकर जौहरगंज नहर से नदी में पानी छोड़ने की मांग की।
लेकिन उपजिलाधिकारी ने कोई संतोषजनक जबाब नहीं दिये।जिससे छठ पूजा के आयोजक रामलीला संघ बरहपुर के लोग एवं छठ व्रती महिलाएं कम पानी को लेकर काफी परेशान हैं। रामलीला संघ बरहपुर के अध्यक्ष कुश सिंह ने बताया कि प्रशासन के साथ साथ जनपद के भाजपा एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से भी नदी में पानी छोड़वाने की अपील की गयी है।
उम्मीद है कि शनिवार तक नहर का पानी नदी में आ जायेगा। इधर नदी के कीचड़युक्त पानी से बरहपुर गांव के सफाई कर्मियों का सहयोग लेकर फैली जलकुम्भी नदी पुल के पास एक तरफ हटाया जा रहा है। जिससे अर्ध्य देते समय व्रती महिलाओं को दिक्कतें न हो। घाट पर जाने का रास्ता सहित तट के आसपास की फैली घास कटवाकर तट को साफ सुथरा करा दिया गया है।
गांगी नदी तट के दोनों तरफ बनी बेदियों पर व्रती महिलाओं को आवागमन हेतु तीन जनरेटरों से 250 राड और अनेकों हाइड्रोजन बल्व जगह जगह लगाये गये है। नदी के दोनों तटों पर लगभग 11 सौ बेदी बनी है और बनती जा रही है। घाट पर संध्या अर्ध्य पर दस हजार से ऊपर की भीड़ एकत्र हो जाती है। एक मेला जैसा दृश्य हो जाता है। सुरक्षा हेतु पुलिस टीम के साथ रामलीला संघ बरहपुर के कार्यकर्ता चक्रमण करते रहते हैं।
नदी घाट पर स्थित देवी मां के मंदिर पर संध्या अर्ध्य के बाद आयोजकों द्वारा रात्रि जागरण का भी आयोजन होता है। थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह ने बताया बरहपुर गांगी नदी तट पर छठ पूजा में आयी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा हेतु मेरे अलावा दो नायब दरोगा सहित दर्जनों पुरुष व महिला सिपाहियों की ड्यूटी लगायी गयी है। इसके अलावा रास्ते में भी चीता सहित अन्य पुलिसकर्मी चक्रमण करते रहेंगे।

