4 फरवरी को चौरा चौरी काण्ड में शहीद क्रांतिकारियो को दी गई श्रद्धांजलि
ज़मानियां / गाजीपुर – स्थानीय कोतवाली क्षेत्र स्थित तहसील विभाग द्वारा गुरुवार की सुबह चौरा चौरी काण्ड के सौ साल पूरे होने पर तहसील मुख्यालय से रैली निकाली गयी।
जिस दैरान खण्ड विकास अधिकारी हरि नारायण एवं एबीएसए धनपति यादव के संयुक्त नेतृत्व में राजकीय बालिका इंटर कालेज की छात्राओं एवं शिक्षिकों और राजस्व टीम के साथ नगर में जुलुस निकालकर तहसील कार्यालय परिसर में एक सभा आयोजित की गयी जिसमें चौरा चौरी काण्ड में मारे गए शहीदों को याद करते हुए नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी गयी।
चौरा चौरी काण्ड 4 फरवरी 1922 गोरखपुर में शहीद क्रांतिकारियों के जीवनशैली पर प्रकाश डालते हुवे तहसीलदार राकेश कन्नौजिया ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन के दौरान 4 फरवरी 1922 को कुछ लोगों की गुस्साई भीड़ ने गोरखपुर के चौरी-चौरा के पुलिस थाने में आग लगा दिया। जिसमें 23 पुलिस वालों की मौत हो गई थी। और इस घटना के दौरान तीन नागरिकों की भी मौत हो गई थी. इससे पहले यह पता चलने पर की चौरी-चौरा पुलिस स्टेशन के थानेदार ने मुंडेरा बाज़ार में कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मारा है, गुस्साई भीड़ पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गयी और उस आग के हवाले कर दिया था।
इस अवसर पर तहसीलदार राकेश कन्नौजिया, विजय शंकर राय, अरुण कुमार सिंह, शैलेंद्र यादव, छत्रपति सिंह के साथ राजकीय बालिका इंटर कालेज की शिक्षिका एवं छात्राएं उपस्थित रहे।


