जमानिया। नगर के पशु अस्पताल में बनाये गये अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल एवं स्टेशन बाजार स्थित कान्हा गौशाला में छुट्टा पशुओं को रखा गया है। जिसमें आये दिन किसी न किसी कारण से गोवंशों की मौत हो जाती है।
नगर के अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल में गोवंश की सही से देखभाल नहीं होती है और न ही इन पशुओं को पर्याप्त चारा मिल पा रहा है। वही। गोवंशों को पर्याप्त चारा न मिलने से वे कमजोर हो जा रहे है और कई बार भूख से गोवंश की मौत हो जाती है। नगर के वीरेंद्र मौर्य‚ अनिल कुमार‚ नीतीश आदि का कहना है कि आश्रय स्थल पर गंदगी‚ कीचड़ और दुर्गंध से उसमें जाना मुश्किल है। आश्रय स्थल पर साफ सफाई का बहुत अभाव है। गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जल जमाव से दुर्गंध भयावह है।

आश्रय स्थल पर कीचड़ की वजह से हुए गड्ढे में फंस कर गिरे हुए गोवंश को कौआ का झुंड नोंच रहे है। जिसका खबर लेने वाला कोई नहीं । वही दो गोवंशों को तिरपाल से ढक कर रखा गया था। जिसमें से एक मृत था और दूसरा मरने के कगार पर खड़ा था। मृत गोवंशों को न हो वहां से हटाया गया था और न ही किसी को मौत की सूचना दी गई थी।
वही आश्रय स्थल पर एक गोवंश गड्ढे में फंस पर गिर गई थी। जिसे कौआ नोच रहे थे। जब स्थानीय पत्रकारों की टीम ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी तो उसे उठाया गया और उसकी जान बची। इस संबंध गोवंश आश्रय स्थल के प्रभारी छविनाथ यादव का कहना है कि चारा महंगा है और 30 रुपये में पर्याप्त भोजन गोवंशों को नहीं मिल पा रहा है। वही मृत गोवंशों के बारे में पुछे जाने पर उन्होंने बताया कि अभी तक किसी को मृत गोवंशों के बारे किसी को सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि अस्थाई आश्रय स्थल पर 34 गोवंश है। जिसमें से 24 मादा और 8 पर है। जब कि कान्हा गोशाला में करीब 192 गोवंश है।

