नन्दगंज वाराणसी गोरखपुर हाइवे पर छुट्टा पशुओं से हो रहीं दुर्घटनाओ से है प्रशासन बेख़बर, वाहन के चपेट में आने से मर रहे है पशु।
नन्दगंज – वाराणसी गोरखपुर हाइवे पर स्थानीय थाना क्षेत्र के रजादी गांव के पास बुधवार की रात में किसी अज्ञात वाहन के चपेट में आने से एक गाय व दो बछड़ों की मौत हो गई। जहाँ सरकार तथा प्रशासन एक तरफ बेसहारा पशुओं को गौशाला में भेजने की फरमान तो जारी कर देती है।

लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इसकी सुधि नहीं लेते है। इस प्रकार सरकार का फरमान हवा हवाई साबित हो रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों के अनदेखी के कारण आए दिन बेसहारा छुट्टा पशुओं की वजह से हाइवे पर घटना दुर्घटना में लोगो को जान गवानी पड़ रही हैं। फिर भी अधिकारी मौन है।
स्मरण रहे के सहेड़ी के एक ढ़ाबा के पास हाइवे पर विगत माह छुट्टा गाय को बचाने के चक्कर में कारें तथा बाइके अनियंत्रित होकर दुर्घटना होने से कई लोगों की जाने भी जा चुकी है। तीनों मरे हुए हुए पशु उसी तरह हाईवे के किनारे पड़े हुए है। मरे हुए पशुओं को दफनाने की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण ये सड़क के किनारे पड़े रहते हैं।
जिसके फलस्वरुप राहगीरों तथा आम लोगो को इसकी बदबू से भारी परेशानी होती है। इसी प्रकार नंदगंज बाजार सहित आसपास के गांवों में बेसहारा पशुओ का चक्रमण किसान सहित आमलोगो को परेशानी का सबक बने हुए है। क्षेत्र में ये छुट्टा तथा बेसहारा पशु हरी सब्जी सहित अन्य फसल को भी बरबाद कर दे रहे है।
जिससे नंदगंज, बरहपुर, दवोपुर, सिहोरी लखमीपुर, रामपुर बन्तरा तथा इशोपुर आदि गांवों के किसान इन बेसहारा पशुओं की वजह से बहुत ही परेशान तथा त्रस्त है। अधिकांश लोगों ने इन छुट्टा पशुओं की वजह से सब्जी की खेती करना छोड़ दिया है। यहीं नहीं इन छुट्टा तथा बेसहारा पशुओं पर सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा कोई अंकुश नहीं लगाने से मुख्यमंत्री योगी की लोकप्रियता धूमिल हो रही है।

