जमानियाँ-धरम्मरपुर गंगा पक्का पुल पर ओवरलोड व भारी वाहनों का परिचालन दे रहा है बड़ी समस्या को चुनौती।
जमानियाँ /गाजीपुर – जनपद के ब्लाक करण्डा व तहसील सैदपुर को जोड़ने वाली एक मात्र जमानियाँ-धरम्मरपुर गंगा पुल ही साधन मात्र है पर ओवरलोड व भारी वाहनों के संचालन से इसके अस्तित्व पर संकट बना हुआ है। गंगा पुल की फर्श क्षतिग्रस्त होने लगी है। जिससे पुल की सरिया तक दिखाई दे रही हैं।
पुल के डैमेज होने की संभावना से राहगीरों के मन में भय बना हुआ है। इसके बाद भी प्रशासनिक अमला की चिर निद्रा भंग नहीं हो रही है। बता दें कि क्षेत्र के ग्राम हेतिमपुर के पास गंगा घाट पर निर्मित जमानियाँ-धरम्मरपुर गंगा सेतु से करण्डा, सैदपुर, गाजीपुर, वाराणसी, जौनपुर आदि स्थानों तक आवागमन करने में लोगों को काफी सहूलियत मिली है।
लेकिन शासन प्रशासन के ढुलमुल रवैया की वजह से ओवरलोड वाहनों के संचालन पर पाबंदी नहीं लग सकी है। इससे गंगा पुल के
भविष्य पर सवाल उठने लगा है। पुल का फर्श क्षतिग्रस्त होने से जगह-जगह लोहे की सरिया दिखाई देने लगा है।

ज्ञात हो कि इस पुल के निर्माण लिए क्षेत्रीय जनता लम्बे अर्से से मांग कर रही थी। जोकि तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने इस पुल का सन् 2006 में शिलान्यास किया, लेकिन काफी लम्बे समय के बाद वर्ष 2016-18 में 72.395 करोड़ की लागत से इस पुल निर्माण सफल हुआ।
पुल के निर्माण से क्षेत्रीय जनता में खुशी की लहर दौड़ गई। इस पुल पर हल्के वाहनों के संचालन को हरी झंडी दी गई तथा भारी वाहनों को प्रतिबन्धित करने के लिए हाई गेट बैरियर लगाया गया। निर्माण काल के बाद कुछ महीने तक भारी वाहनों का परिचालन बन्द था लेकिन शासन-प्रशासन की मेहरबानी से हाईगेट बैरियर को हटा दिया गया था।
तथा धड़ल्ले से ओवरलोड ट्रक व बालू लदे बोगा ट्रेक्टर का परिचालन शुरू करा दिया गया। परिचालन जारी रहने से पुल के क्षतिग्रस्त होने का खतरा तो बढ़ता ही जा रहा है वही आये दिन हादसे भी होते रहते है लेकिन प्रशासन सब कुछ देखते हुए मौन साधे हुए है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रतिदिन रात के अंधेरे में सैकड़ो ओवरलोड ट्रक व बालू लदे बोगा ट्रेक्टर का परिचालन शासन-प्रशासन के मिली भगत से होता है।
पुल के पास 24 घंटे पुलिस की ड्यूटी भी लगी रहती है। इसके बाद भी ओवरलोड़ वाहनों का परिचालन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। क्षेत्रीय लोगों ने पुल पर हाई गेट बैरियर लगाने की मांग करते हुए ओवरलोड़ वाहनों का परिचालन बन्द करने की गुहार जिलाधिकारी से लगाई।

