लखनऊ में अतीक अहमद की हत्या के बाद कोर्ट रूम में मुख़्तार के करीबी जीवा की हत्या।
लखनऊ- पुलिस हिरासत में माफिया अतीक अहमद की हत्या का मामला ठंडा भी नहीं था कि राजधानी लखनऊ की कोर्ट में गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा को कोर्ट रूम में गोली मारकर हत्या कर दिया गया।
कोर्ट में फायरिंग के दौरान दो पुलिसकर्मियों, डेढ़ साल की और उसकी मां को भी गोली लगी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वकीलों ने हमलावर विजय यादव को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। भाजपा नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या में सजायाफ्ता जीवा माफिया मुख्तार अंसारी व मुन्ना बजरंगी का नजदीकी रहा, बाद में उसने गिरोह बना लिया था।
जीवा को हत्या और एससी-एसटी के मामले में बुधवार दोपहर पुलिस अभिरक्षा में पेशी पर कोर्ट लाया गया था। करीब 3:50 बजे उसके केस की सुनवाई होनी थी। अपने केस की बारी आते ही जीवा कोर्ट रूम में कठघरे की ओर बढ़ा, वकीलों के लिबास में बैठे हमलावर जौनपुर के केराकत निवासी विजय यादव ने रिवॉल्वर से उस पर ताबड़तोड़ गोलियां दागनी शुरू कर दीं।
कोट में छिपा रखी रिवॉल्वर से पीछे से छह गोलियां मारी पलटने का मौका भी नहीं लहूलुहान होकर औंधे मुंह गिर पड़ा। गोलियों की तड़तड़ाहट से कोर्ट परिसर गूंज उठा हर तरफ भगदड़ मच गयी। वही हमलावर विजय यादव ने भागने की कोशिश की लेकिन अधिवक्ताओं ने पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटायी की वही पुलिस ने जीवा को अस्पताल ले गयी जहाँ उसे मृतक घोषित कर दिया गया।
कोर्ट रूम में फायरिंग के दौरान दो सिपाही समेत एक वर्ष की बच्ची को लगी गोली, बच्ची की हालत गंभीर।
गोलीबारी के वक्त बीकेटी निवासी सौरभ पत्नी नीलम व पिता के साथ कोर्ट में मौजूद था। नीलम की गोद में डेढ़ साल की बेटी लाडो भी थी। गोली लाडो की पीठ व नीलम की अंगुलियों पर लगी। लाडो की हालत गंभीर है, उसे आईसीयू में रखा गया है। पुलिसकर्मी कमलेश व लाल मोहम्मद के पैर में गोली लगी है।
कुछ समय पहले ही प्रयागराज में पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिए गए माफिया अतीक अहमद व अशरफ की हत्या कर दी गई थी। कुछ उसी तरह से इस वारदात को भी अंजाम दिया गया। उस वारदात में पत्रकार बनकर वारदात को
अंजाम दिया गया था, यहां आरोपी वकील के लिबास में पहुंचा। अतीक व अशरफ भी पुलिस अभिरक्षा में थे, जीवा भी पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट में पहुंचा था। वारदात के बाद इसको लेकर सोशल मीडिया पर यह बात चर्चा का विषय बनी रही।
कचहरी में माफिया संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की हत्या की घटना को लेकर प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरते जाने का निर्देश दिया गया है।
डीजीपी मुख्यालय ने कोर्ट परिसरों के सुरक्षा प्रबंधों को पुख्ता किए जाने का कड़ा निर्देश भी दिया है।
कोर्ट में हुई फायरिंग और हत्या के बाद चेकिंग की व्यवस्था को भी और सुदृढ़ किए जाने का निर्देश दिया गया है। स्पेशल डीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि सभी जिलों में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा किए जाने के साथ ही पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
कोर्ट में पेशी पर आने वाले आरोपितों की सुरक्षा को लेकर खुफिया तंत्र को भी सक्रिय किया जाए। अभिसूचना संकलन कर आरोपितों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही हर जिले में सोशल मीडिया सेल को भी पूरी तरह सक्रिय किए जाने का निर्देश दिया गया है। कहा गया है।
कि समस्त वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सभी जिलों में न्यायधीश/जिला मजिस्ट्रेट तथा बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर कोर्ट परिसरों में सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कहीं कोई अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो, इसको देखते हुए सभी जिलों में पूरी सतर्कता व पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
वही विशेष पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था प्रशान्त कुमार की तरफ से जारी आदेशों में कहा गया है कि सभी जिलों व पुलिस कमिश्नरेट के अधीन आने वाली अदालतों में तत्काल प्रभाव से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाएइसे लेकर न्यायाधीशों, जिला मजिस्ट्रेट व बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक करके सुरक्षा के जरूरी कदम उठाए जाएं। वहीं अभियुुक्तों को पेशी पर लाने से पहले उनके संबंध में सूचनाएं एकत्र करके सुरक्षा के प्रबंध किए जाएं। इसके लिए इंटरनेट मीडिया की भी मदद ली जाए।

