जमानिया। स्टेशन के कान्हा गौशाला के पास एक लॉन परिसर में चल रहे गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन बुधवार को यज्ञ पंडाल खचाखच श्रद्धालुओं से भरा रहा। अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वधान में जमानिया में चल रहे चार दिवसीय गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन यज्ञ पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा।

प्रातः योग प्राणायाम ध्यान के बाद यज्ञ करने के लिए दूर – दराज से यज्ञ पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ लगनी शुरू हो गई देखते-देखते प्रातः 10:00 बजे से यज्ञ पंडाल यज्ञ करने हेतु खचाखच भर गया। अपने मनोकामना की पूर्ति हेतु श्रद्धालुओं का उत्साह चरम सीमा पर था। प्रातः मौसम खराब होने के बाद भी श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। बारिश के मौसम ने भी श्रद्धालुओं के मनोबल को नहीं तोड़ पाई और सिंह पैलेस के बने बड़े हाल में यज्ञ कुंड को स्थापित करके यज्ञ कराया गया।

यज्ञ के महिमा पर प्रकाश डालते हुए मुख्य प्रबंध ट्रस्टी सुरेंद्र सिंह जी ने कहा कि “यज्ञ हमारे कई जन्मों के पाप को धुलती है। यज्ञ करने से समस्त ब्रह्मांड में सभी जीवों की मनोवृति परिष्कृत होती है ।यज्ञ से निकलने वाले धुएं पूरे वातावरण को शुद्ध करती है एवं लंबे समय तक इकोसिस्टम को स्वस्थ रखती है। हर काम में सफलता के लिए हर व्यक्ति को प्रातः यज्ञ करके ही किसी काम में लगना चाहिए। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य आयोजक अंशुमन जायसवाल, सहसंयोजक जयशंकर श्रीवास्तव, दीनानाथ शर्मा ,अनिल सिंह ,प्रोफेसर विमला ,मदन मोहन शर्मा, प्रेम शंकर तिवारी, एवं गायत्री परिजनों का सहयोग रहा।

