जमानियां (गाजीपुर) सोमवार को हरतालिका तीज व्रत कर सुहागिन महिलाओ ने अपने पति की लंबी आयु के लिए रखा निर्जला व्रत । मान्यता के अनुसार सुहागिने अन्न-जल त्यागकर दिनभर रखती है निर्जला व्रत ।

इस अखंड सौभाग्य के महापर्व हरतालिका तीज पर महिलाओं ने दिनभर अन्न-जल त्यागकर निर्जला व्रत का पालन किया और शाम को विधि-विधान से हरतालिका व्रत की पूजा की। शाम होते ही मंदिरों और घरों में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा-अर्चना की गई। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए और युवतियों ने अच्छे वर की कामना के लिए व्रत रखा गया।
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार हरतालिका तीज हिंदू महिलाओं द्वारा मनाए जाने वाले सबसे बड़े त्योहारों में से एक है. यह त्यौहार भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाया जाता है, जो सितंबर के महीने में आता है। हरतालिका तीज का त्योहार विशेष रूप से भारत के उत्तरी भाग में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. इस अवसर पर महिलाएं व्रत रखती हैं, सजती-संवरती हैं और अपने हाथों और पैरों को मेहंदी से सजाती हैं. हिंदू धर्म अनुयायियों के अनुसार, हरतालिका तीज भगवान शिव और देवी पार्वती के प्रेमपूर्ण बंधन को मनाने के लिए मनाया जाता है. मान्यता है कि इस दिन देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए विशेष व्रत रखा था। हरतालिका तीज के दिन, विवाहित महिलाएं सुखी वैवाहिक जीवन

