गाज़ीपुर के रायफल क्लब सभागार में उत्तर प्रदेश विधान परिषद की दैवीय आपदा प्रबंधन जांच समिति की बैठक।
गाजीपुर –
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की दैवीय आपदा प्रबंधन जांच समिति की बैठक शुक्रवार को सभापति उमेश द्विवेदी की अध्यक्षता में रायफल क्लब सभागार में आयोजित हुई जिसमें जनपद में आपदा से संबंधित शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन एवं लाभान्वित लोगों के संबंध में गहन समीक्षा की गई।बैठक में समिति के सदस्य लाल बिहारी यादव, डॉ बाबूलाल तिवारी ने जिले के सभी आलाधिकारियों से नदी में बाढ़ की स्थिति, नाव दुर्घटना, आकाशीय बिजली, मौसम, आधी तूफान, सर्पदंश, आगजनी, आदि के संबंध में समीक्षा करते हुए विस्तार से जानकारी ली।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0रा0 अरूण कुमार सिंह ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से समिति के समक्ष जिले में आपदा प्रबंधन के संबंध में विस्तार से बिन्दुवार जानकारी देते हुए जनपद में किए गए नवाचारों पर अपनी प्रस्तुति दी उन्होने कहा कि जनपद के समस्त प्राथमिक, जूनियर, व राजकीय विद्यालयो के एक अध्यापक को दैवीय आपदा के दौरान निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
समिति के सभापति ने उपस्थित सभी अधिकारियों को अपने-अपने मोबाईल में आकशीय विद्युत से बचाव हेतु दामिनी एप्प डाउनलोड करने के साथ-साथ बरसात के दिनो मे क्या करे क्या न करे का बोर्ड लगाने व आगजनी के दौरान बचाव हेतु फायर ब्रिगेड के दूरभाष नम्बर को आमजनमानस में प्रचार-प्रसार कराने, नदियों में उसकी गहराई आदि के संबंध में साईनेजेज लगाने का निर्देश दिया ताकि लोग सावधानी बरतें व उनको डूबने से बचाया जा सके।
किसान सम्मान निधि में कुछ पात्र लोगों की ई-केवाईसी लंबित होने पर जिला कृषि अधिकारी गाजीपुर को उसको पूरा कराकर समिति को अवगत कराने का निर्देश दिया। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कहा कि सर्पदंश से बचाव के लिए आमजन को जागरूक करें। सर्पदंश से मृत्यु पर अनिवार्य रूप से पोस्टमॉर्टम कराने के लिए जागरूक करते हुए अनुमन्य सरकारी धनराशि उपलब्ध कराएं। उन्होने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि सीएससी, पीएचसी पर सर्पदंश निरोधक औषधि के अलावा अन्य दवाओं की भी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराए तथा इसका डिस्प्ले भी कराएं।
उसकी सूची बनाकर प्रस्तुत करे जिससे शासन को अवगत कराते हुए उसकी पूर्ति की जा सके। उन्होने मलेरिया डेंगू की रोकथाम हेतु एन्टी लार्वा का छिडकाव कराने का निर्देश दिया। उन्होने डी0पी0आर0ओ0/बी0एस0ए0 को ग्रामीण क्षेत्रो, प्राथमिक विद्यालयो में सफाई कर्मचारियों के माध्यम से प्रतिदिन साफ-सफाई कराने का निर्देश देते हुए विद्यायलो में ई-पास मशीन लगाने का निर्देश दिया। साथ ही कहाँ कि संभव हो हर जरूरतमंद को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकें।
उन्होने कच्चे मकान गिरने पर मुआवजा देने तथा संबंधित को आवास उपलब्धता सुनिश्चित कराने, बाढ़-कटान प्रभावित क्षेत्रों में राहत चौपाल को और अधिक प्रभावी तरीके से आयोजित कराने के दौरान हेल्थ कैंप लगवाने, सर्पदंश से बचाव हेतु जागरूक करने, की बात कही। समीक्षा बैठक से पूर्व दैवीय आपदा प्रबंधन जांच समिति द्वारा जिला अस्पताल गोराबाजार, एवं विकास भवन स्थित आडिटोरियम हाल का स्थलीय निरीक्षण किया।
जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान उन्होने विभिन्न वार्डाे का निरीक्षण कर दवाओ की उपलब्धता, मरीजो के परिजनो से अस्पताल की चिकित्सकीय व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होने सम्बन्धित अधिकारी को अस्पताल मे साफ-सफाई, दवाओ की उपलब्धता, शत-प्रतिशत चिकित्सकीय व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।
बैठक में जिलाधिकारी आर्यका अखौरी, जिलाधिकारी चंदौली निखिल टी फून्डे,, पुलिस अधीक्षक गाजीपुर ओमवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक चंदौली डा0 अनिल कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी गाजीपुर व चंदौली, कृषि, आपूर्ति, लोकनिर्माण, शिक्षा से संबंधित विभागों के अधिकारियों समेत पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

