Saturday, September 12, 2026
Homeक्षेत्रीय खबरदोनों बहनों को अगवा कर दुष्कर्म व हत्या के मामले में दो...

दोनों बहनों को अगवा कर दुष्कर्म व हत्या के मामले में दो को उम्र कैद दो को हुई छह वर्ष की सजा।

14 सितंबर 2022 को मां के सामने ही दोनों बहनों को अगवा कर दुष्कर्म व हत्या के मामले में दो को उम्र कैद ।

परिजन इस फैसले से असंतुष्ट हाइकोर्ट से आरोपियों के लिए माँगी फाँसी की सजा।

लखीमपुर खीरी निघासन के एक गांव में 14 सितंबर 2022 को मां के सामने ही दोनों बहनों को अगवा कर अनुसूचित जाति की दो नाबालिग बहनों की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में एडीजे (पॉक्सो एक्ट) राहुल सिंह ने दोषी सुनील उर्फ छोटू और जुनैद को सोमवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। आरोपियों को  ताउम्र जेल में रहना होगा। जबकि सबूत मिटाने के दोषी आरिफ और करीमुददीन उर्फ डीडी को छह-छह साल की सजा हुई ।

फ़ोटो – दोनों बहनों को अगवा कर दुष्कर्म व हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा के बाद दोनों आरोपियों को ले जाती पुलिस व नीचे आरोपियों की फोटो

जानकारी के अनुसार निघासन के एक गांव में 14 सितंबर को मां के सामने ही दोनों बहनों को अगवा कर ले जाने के बाद दुष्कर्म कर उनकी हत्या कर दी गई थी। मामला आत्महत्या का दिखाने की कोशिश में दोनों शवों को बाग में पेड़ से लटका दिया गया था। मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म और गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई ।

इस मामले में पुलिस ने आरिफ, सुनील, करीमुद्दीन और जुनैद समेत छह आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था। इनमें से दो नाबालिग हैं। सुनील के अलावा अन्य सभी आरोपी पड़ोस के गांव के ही हैं। मामले में 14 दिन के अंदर ही 28 सितंबर को पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी थी। करीब 10 महीने सुनवाई के दौरान परिजन समेत 15 लोगों ने गवाही दी। 24 दस्तावेजी और 40 वस्तुजनित साक्ष्य पेश किए गए। 12 अगस्त 2023 को एडीजे राहुल सिंह ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया था।

पीड़ित परिजन फैसले से नाखुश… बोले- हाईकोर्ट जाएंगे -:

फैसले पर पीड़ित परिजन ने असंतुष्टि जताई है। भाई ने बताया कि सभी छह आरोपियों ने उनकी बहन के साथ दरिंदगी की थी, लेकिन अदालत ने सुनील और जुनैद को ही उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि करीमुद्दीन और आरिफ को कम सजा मिली। परिजनों ने कहा कि सभी छह आरोपियों को फांसी की सजा होनी चाहिए।

परिजनों ने कहा कि विवेचना में एससी-एसटी एक्ट की धारा भी हटाई गई है। सभी आरोपियों से धारा 34 भी हटा दी गई। एससीएसटी एक्ट की धारा हटाने पर परिजनों ने सवाल किया कि वह अनुसूचित जाति के नहीं हैं, तो कौन हैं। परिजनों ने कहा कि वे कोर्ट से गुजारिश करते हैं कि उन्हें बताया जाए- एससी-एसटी की धारा क्यों हटाई गई है।

यही मांग है कि सभी छह लोगों को फांसी हो। अब वह हाईकोर्ट का सहारा लेंगे। दो नाबालिग अभियुक्तों पर फैसला अभी बाकी इस मामले में दो अन्य नाबालिग अभियुक्तों पर कोर्ट ने अभी फैसला नहीं दिया है। एसपी गणेश प्रसाद साहा ने बताया कि 15 वर्षीय एक अभियुक्त की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेजी गई है।

संबंधित खबर

Most Popular

Recent Comments

error: कॉपी करने की कोशिश ना करें, धन्यवाद !