“हम सबने मिलकर ठाना है फाइलेरिया को दूर भागना है” प्राथमिक विद्यालय के बच्चों ने रैली के दौरान ग्रामीणों को किया जागरूक।
गाज़ीपुर- स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से फाइलेरिया नेटवर्क के सदस्यों भांवरकॉल ब्लॉक के मनियाँ गाँव में गुरुवार को फाइलेरिया जागरूकता कार्यक्रम किए। इस दौरान मनिया प्राथमिक विद्यालय से जन जागरूकता रैली निकाली गई।

रैली में बच्चों ने ग्रामीणों को फाइलेरिया रोग से बचाव की दवा खाने का संदेश दिया। जनपद में 10 अगस्त से 28 अगस्त तक फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाने का अभियान चलेगा। आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर दवा अपने सामने ही खिलाएँगी। सभी लोग दवा जरूर खाएँ जिससे इस रोग के रोकथाम में मदद मिल सके।
मनियाँ प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक शोभा पाण्डेय ने कहा कि 10 अगस्त से फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का अभियान चलेगा। सभी लोग दवा अवश्य खाएँ। आशा कार्यकर्ता गीता पाण्डेय और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरोज देवी ने कहा कि यह दवा साल में एक बार और लगातार पाँच साल तक खाने से फाइलेरिया रोग से बचाव किया जा सकता है।
इसके लिए समुदाय के लक्षित वर्ग को जागरूक किया जा रहा है। यह दवा एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों को छोड़कर सभी को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाई जाएगी। एक से दो वर्ष के बच्चों को सिर्फ एल्बेण्डाज़ोल की दवा खिलाई जाएगी। यह दवा खाली पेट नहीं खाना है।
इसके साथ ही प्रियंका स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाओं के साथ बैठक की गई। समूह की महिलाओं से समुदाय को जागरूक करने को लेकर सहयोग करने के लिए कहा गया। समूह कि सदस्य रूपा देवी ने कहा कि इस अभियान में हम स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का पूरा सहयोग करेंगे।
क्षेत्रीय कोटेदार लक्ष्मणजी ने बताया कि राशन लेने आने वाले लाभर्थियों को 10 अगस्त से शुरू हो रहे अभियान के तहत फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने के लिए अपील करेंगे। फाइलेरिया नेटवर्क के सदस्यों ने भी ग्रामीणों को जन जागरूकता संदेश दिये।
फाइलेरिया नेटवर्क के सदस्य राजेंद्र सिंह (52) ने कहा कि वह करीब 15 साल से फाइलेरिया हाथीपाँव बीमारी ग्रसित हैं। सूजन रहने से ज्यादा देर चल-फिर नहीं पाते थे। लेकिन एक साल से नेटवर्क के साथ जुड़ने पर वह नियमित व्यायाम और साफ-सफाई का ध्यान रख रहे हैं। इससे उन्हें काफी आराम मिला है।
रैली में “हम सबने यह ठाना है, फाइलेरिया को दूर भगाना है”, “अगर न दवा खाओगे, फाइलेरिया रोग बढ़ाओगे, “सबका मिलेगा सहयोग तो दूर होगा फाइलेरिया रोग”, “फाइलेरिया रोग को हराना है, 10 अगस्त से फाइलेरिया बचाव की दवा खाना है” जैसे नारे लगाये गए।
इस दौरान आशा कार्यकर्ता गीता तिवारी, लालशा देवी, अंजु कुशवाहा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गीता कुशवाहा, देवरती, फाइलेरिया नेटवर्क सदस्य सुमित्रा और शिक्षक मौजूद रहे।

