जमानियां क्षेत्र के देवा बैरनपुर में बाढ़ से घिरे ग्रामीणों तथा पशुओं को कैसे बचाया जाए इसके लिए बाढ़ आपदा मित्रों ने गुरुवार से तैयारियां शुरू कर दी है। वही बाढ़ से घिरे आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगो को जानकारी दी।

इस दौरान आपदा मित्र अभ्यास करते हुए देवा बैरनपुर गंगा नदी में डूब रहे किशोर व पशुओं को कैसे बचाने व उसके उपरान्त बरती जाने वाली सावधानी, सांप काटने पर प्राथमिक उपचार आदि किस प्रकार की जाय इसकी विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर उपजिलाधिकारी डा, हर्षिता तिवारी, तहसीलदार देवेंद्र यादव, नायब तहसीलदार अवनीश कुमार, विनय दुबे, लाल बिहारी यादव, बलराम कृष्ण, ओम प्रकाश यादव उर्फ जज आदि के साथ आपदा मित्र कुलदीप, मनोज, रूपा कुमारी, अकबर अंसारी, अंकित आदि ने बाढ़ आने से पूर्व की तैयारियों के बारे में बताया।

कहा कि नदी के जल स्तर बढ़ने पर सबसे पहले वृद्ध, धात्री, बीमाऱ व बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा देना सही होगा। वही यह भी निर्देश दिए की प्रशासन से मिलकर नाव की व्यवस्था, खाद्य सामग्री में सूखे भोजन जैसे भूजा, चना, गुड़, चूड़ा, मोमबत्ती, इमरजेंसी लाइट, टार्च, त्रिपाल तैयार रखना चाहिए। तथा प्राथमिक उपचार की दवाएं व जहरीले जंतुओं से सुरक्षा हेतु दवाओ का अपने घरो के आस पास छिड़काव पहले से कर ले। पशुओ को ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर सम्भव हो तो पहुंचा दें, साथ ही सूखे चारे का प्रबंध कर लें। आपदा मित्रों ने बताया की बाढ़ की स्थित गंभीर होने पर बंधो को समय पूर्व साफ सुथरा करा लें ताकि विकट स्थित में पन्नी तान निवास किया जा सके। घरों मे रखे राशन को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा देना भी तैयारियों में शामिल है।

अंत में आपदा मित्रों ने एक किशोर को पानी मे डूबने व लाइफ सपोर्ट जैकेट पहन कर बचाने तथा पेट में पानी भरने पर कैसे निकालें इसका माकड्रील कर लोगों विसय में जागरूक किया। उपजिलाधिकारी डा, हर्षिता तिवारी व तहसीलदार देवेंद्र यादव ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आपदा मित्रों द्वारा रिहर्सल कर जागरूकता फैलाने के लिए निर्देशित किया गया है।

