प्रयागराज में माफिया अतीक और अशरफ की पुलिस अभिरक्षा में हत्या के साथ अतीक के बेटे असद की पुलिस मुठभेड़ में मौत को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कानपुर पुलिस से जवाब मांगा है,असल में याचिका में बिकरु कांड के मुख्य अभियुक्त विकास दुबे के एनकाउंटर का जिक्र करते हुए आरोप लगाया गया है कि उत्तर प्रदेश पुलिस इसी तरह से हत्याएं करा रही है, आरोप का संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस आयुक्त से शुरू कांड को लेकर हुए न्यायिक आयोग एसआईटी और विभागीय जांच का ब्यौरा मांगा है ।

सुप्रीम कोर्ट में वकील विशाल तिवारी ने अप्रैल में एक याचिका दायर की थी जिसमें 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश में हुए 183 मुठभेड़ों की जांच की भी मांग की गई है, इन मुठभेड़ों में अतिक का बेटा असद और उसका साथी भी शामिल है याचिका में विकास दुबे का जिक्र करते हुए आरोप लगाया गया है कि उसे पुलिस अभिरक्षा में मार गिराया गया था विशाल ने मामले में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति के गठन की मांग की थी और पुलिस अभिरक्षा में हत्या एनकाउंटरो पर सवाल खड़ा करते हुए दावा किया गया कि पुलिस को दंड देने वाली संस्था बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि पुलिस विकास दुबे एनकाउंटर केस से जुड़े सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करके जल्दी सुप्रीम कोर्ट को भेजेंगी।

