अब्बास अंसारी को एक ही लाइसेंस पर कई हथियार खरीदने के आरोप ने कोर्ट ने गिरफ्तार करने के लिए वारंट जारी किया।
लखनऊ- धोखाधड़ी कर एक शस्त्र लाइसेंस पर कई हथियार खरीदने के आरोपी माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे व मऊ सदर से सुभासपा विधायक को कोर्ट ने फरार घोषित कर दिया है। अब्बास के खिलाफ पूर्व में एमपीएमएलए कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
पुलिस अब्बास की तलाश में कई राज्यों में छापे मार चुकी है, पर आरोपी या उसके परिवार का कोई सदस्य नहीं मिला इसके बाद इंस्पेक्टर महानगर ने. कोर्ट में रिपोर्ट के साथ आरोपी को फरार घोषित करने की मांग वाली अर्जी दी। कोर्ट ने कहा कि आरोपी कोर्ट में हाजिर होने की जगह खुद को छिपा रहा है।
कोर्ट के विशेष एसीजेएम अंबरीष श्रीवास्तव ने विधायक को फरार घोषित करते हुए मामले की सुनवाई के लिए 26 सितंबर की तारीख तय की है। मालूम हो कि महानगर थाने में 12 अक्तूबर, 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अब्बास ने 2012 में डीबीडीएल गन का लाइसेंस लिया था और बाद में अपना शस्त्र लाइसेंस दिल्ली के पते पर स्थानांतरित करवा लिया। अब्बास ने खुद को निशानेबाज दिखाकर दिल्ली वाले शस्त्र लाइसेंस पर कई शस्त्र खरीद लिए अतीक के गुर्गों ने एक करोड़ की रंगदारी मांगी, एफआईआर
प्रयागराज में अतीक के गुर्गों ने राजू पाल हत्याकांड के गवाह कृष्ण कुमार पाल उर्फ उमेश पाल से एक करोड़ की रंगदारी मांगी है। मामला फरवरी का है। एसएसपी के संज्ञान में आने के बाद बृहस्पतिवार को अतीक समेत 11 के खिलाफ एफआईआर धूमनगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
विधायक राजू पाल हत्याकांड में गवाह रहे जयंतीपुर के रहने वाले उमेश ने 2018 में पीपल गांव में ट्रिपलआईटी के पास जमीन खरीदी थी। जमीन खरीदने के बाद उमेश जब भी बाउंड्री बनवाने का प्रयास करते, उनसे झगड़ा किया जाता। परेशान होकर उमेश ने न्यायालय में पैमाइश का आग्रह किया।
पैमाइश के बाद फरवरी 2022 में बाउंड्री बनवाने गए। आरोप है कि उसी समय खालिद जफर, मो. मुस्लिम, दिलीप कुशवाहा और अबू साद अन्य लोग असलहे लेकर पहुंचे। उमेश धमकी देते हुए कहा कि ‘सांसद अतीक अहमद का आदेश है, अगर जमीन लेनी है तो पहले बिना एक करोड़ दिए जमीन पर कब्जा किया एक करोड़ दो वरना इस जमीन को भूल जाओ। तो मार दिए जाओगे’।

